)बांका (रजौन):रवि फसल के अवशेष पराली जलाने का सिलसिला थमने का नहीं ले रहा है नाम।नवादा -खरौनी पंचायत अंतर्गत गोसाई चक गांव के किसान निलेश कुमार हार्वेस्टर मशीन से गेहूं फसल की कटाई के उपरांत शनिवार की दोपहर करीव एक बजे गेहूं फसल के अवशेष पराली में आग लगा दिया था।पराली का आग इर्द-गिर्द करीब एक दर्जन के किसानों का खेत में लगे गेहूं का फसल जलकर खाक हो गया। पराली के कारण आग लगने से अनंत सिंह का तीन बीघा,उदय कांत सिंह का दो, विभाष चंद्र सिंह ढाई, पवन सिंह तीन,रामकिंकर सिंह एक,दर्जी कित्ता गांव की डेजी रानी,पंकज सिंह तीन,मिथिलेश सिंह ढाई,अरविंद सिंह चार,नवादा मुसहरी टोला के गरीब किसान फुल्ली मांझी करीव एक एवं चंदन कुमार सिंह खेत में लगे तीन बीघा गेहूं का फसल जलकर स्वाहा हो गया।आग पर काबू पाने के क्रम में राजीव सिंह का हाथ टूट गया है।घटना की सूचना मिलने पर धौरैया से एक छोटी अग्निशामक यंत्र द्वारा पानी का फावारा देकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा था। इस बीच देखते ही देखते सारे किसानों का गेहूं का फसल जलकर नष्ट हो चुका था।आपके लपेट के कारण आम का पेड़ में लगे आम का फल एवं पत्ते झुलस गया है।सभी किसान दहाड़ मारकर खेत पर रोते बिलखते एवं कोहराम मचा हुआ देखे जा रहे थे।घटना की सूचना मिलने पर नवादा सहायक थाना एएसआई भगवान चौधरी सशस्त्र बलों के साथ कैंप कर रहे थे। पंचायत मुखिया कल्पना देवी,मुखिया प्रतिनिधि पप्पू उर्फ मनोज कुमार मंडल,सरपंच पति शोभा कांत उर्फ लड्डू सिंह, मंडल भाजपा महामंत्री उत्तम सिंह,छोटू सिंह आदि भी पहुंच कर जायजा लेते हुए अग्नि पीड़ितों को ढाढस बंधा रहे थे। स्थानीय प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को पहुंचने पर दर्जीकित्ता गांव की किसान डेजी रानी सहित कई किसानों ने बताया लाख समझाने बुझाने के बाद भी गोसाईचक के किसान निलेश कुमार ने जानबूझकर अपना उंगली सीधा करने के लिए करीब पांच बीघा गेहूं के परती खेत में फसल अवशेष पराली में एक बजे आग लगा दिया।आग का लपेट इतना भयावह था कि देखते ही देखते करीब एक दर्जन किसानों का 25 बीघा के खेत में लगे गेहूं का फसल जलकर स्वाहा हो गया।घटना की सूचना मिलने पर जिला कृषि पदाधिकारी विष्णु देव रंजन,बीडीओ गुरुदेव प्रसाद गुप्ता,बीएओ मु.सेराज ,प्रखंड कृषि कोऑर्डिनेटर उदय कुमार सिंह,किसान सलाहकार आशीष कुमार आदि पहुंच कर खेत पर पहुंच कर जायजा लिया है।डीएओ विष्णु देव रंजन ने बताया कि इसके लिए जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के उपरांत विधि सम्मत पराली जलाने वाले के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। एवं जिन किसानों का खेत में लगे गेहूं का फसल नष्ट हुआ है उसे क्षतिपूर्ति दिलाने की आने की कार्रवाई भी की जाएगी। मालूम हो शनिवार को पराली जलाने से संबंधित प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की गई थी। इसके बाद भी प्रखंड के किसानों द्वारा पराली जलाने नहीं छोड़ रहा है।इस कारण वायु प्रदूषण का वातावरण वायुमंडल में प्रदूषित होते जा रहा है।डीएओ ने बताया किसानों को पराली नहीं जलाने से संबंधित जागरूक करने के लिए किसान सलाहकारों को पंचायत से लेकर गांव पहुंचकर जागरूक करने के लिए कहा गया है।
रिपोर्ट :कुमुद रंजन राव
Tags
चम्पारण नीति अपडेट