कोरोना वैश्विक महामारी में आत्मबल का होना बहुत जरूरी


रजौन, बांका : वैश्विक कोविड-19 महामारी को लेकर लगातार पॉजिटिव की संख्या बढ़ते चैन से प्रखंड वासी हताश और निराश दिख रहे। ऐसे में लोगों को किस तरह से रहना चाहिए। इसको लेकर कई कोरोना पॉजिटिव पाए गए मरीजों से मोबाइल पर संपर्क कर जानकारी ली गई।इस संबंध में कोरोना पॉजिटिव मरीज डीएन सिंह कॉलेज भूसिया प्राचार्य प्रोफेसर जीवन प्रसाद सिंह से मोबाइल पर इंटरव्यू ली गई।कॉलेज प्राचार्य ने अपने इंटरव्यू में बताया कि हमे आज  होम क्वारंटाइन में गुरुवार को  12वें दिन हो रहा है। उन्होंने बताया इस बीमारी में मरीजों को आत्म बल होना बहुत जरूरी है। आगे बताया आत्मबल नहीं रहने से रोगी हताश और निराश हो जाता है।यह बीमारी का लक्षण सर्दी, खांसी,बुखार,बदन दर्द आदि पाया जाता है।सबसे अच्छा सुझाव दिया इस कोरोना पॉजिटिव वैश्विक महामारी के क्रम में आत्मबल बढ़ाने के लिए पास पड़ोस,परिजन स्वजनों को दूरी ना बनाते हुए हर तरह से आत्मबल बढ़ाने के प्रति सहयोग करने पहुंचाने की बात कही ।इस बीमारी में पास पड़ोस स्वजनों का जबरदस्त दूरी बना लेने को लेकर मरीज का आत्मबल घटने लगता है। इस बीमारी में पॉजिटिव पाए गए मरीजों से एक दूसरे को मोबाइल पर बात कर आत्मबल बढ़ाने की भी सलाह दी है। इस प्रकार बरौनी गांव के राहुल कुमार चौधरी पॉजिटिव मरीज ने बताया कि इस बीमारी में बदन दर्द,दम फूलना मेन लक्षण पाया जाता है। राहुल कुमार चौधरी ने लोगों को इस वैश्विक महामारी के समय घर में रहने,जरूरत पड़ने पर सैनिटाइज मास्क का प्रयोग करते हुए बाहर निकलने,कपूर,लोंग, इलाची,जमाइन मिश्रण का बराबर कपड़े में बांधकर सूंघते रहने,भांप का बराबर प्रयोग करने,पेट को कभी भी खाली नहीं रहने देने।प्रत्येक आधे घंटे पर कुछ ना कुछ संतरा आदि का सेवन करते रहने।रजौन थानाध्यक्ष बुद्धदेव पासवान भी 15 अप्रैल से पॉजिटिव रिपोर्ट पाए जाने की स्थिति में होमक्वारंटाइन पर हैं। मोबाइल पर पूछे जाने पर बताया इस वैश्विक कोरोना महामारी के समय लोगों को हर हाल में सावधानीपूर्वक सुरक्षित घर में रहना चाहिए।उन्होंने इस बीमारी में कमजोरी बदन दर्द,सर दर्द, बुखार सर्दी खांसी सांस लेने में तकलीफ आदि का लक्षण बताया।
रिपोर्ट :कुमुद रंजन राव

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