रजौन, बांका: बामदेव गांव के 50 वर्षीय एक गल्ला व्यापारी की मौत गुरुवार की शाम सात बजे हो जाने की खबर है। ग्रामीण एवं मृतक के स्वजनों ने बताया की 50 वर्षीय गल्ला व्यापारी करीब आठ 10 दिन से सर्दी खांसी, बुखार एवं स्वास की बीमारी से ग्रसित था। प्राइवेट एवं झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करा रहा था। गुरुवार को सांस लेने में काफी तकलीफ होने की वजह से बेहतर इलाज के लिए भागलपुर ले जाने के लिए अभी विचार ही कर रहा था ।इसी बीच उनकी मौत हो गई। मौत की खबर गांव में जंगल की आग की तरह फैल गई। लोग बिना डरे सहमे गल्ला व्यापारी को एक पल पाने के लिए शुक्रवार की सुबह उनके दरवाजे पर भीड़ जुट गई।परिजन एवं स्वजनों ने बताया स्वास फूलते रहने की वजह से उनकी मौत हो गई है। गल्ला व्यापारी की मौत हो जाने की खबर पर पूरे ग्रामवासी कोरोना काल में मौत होने की बात बता रहे हैं। मृतक अपने साथ तीन पुत्र दो पुत्री सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। ग्रामीणों ने बताया इसकी जानकारी के लिए बांका सिविल सर्जन को कई बार मोबाइल पर संपर्क स्थापित करना चाहे। मोबाइल पर रिंग बजने के बाद भी बात नहीं हो पाई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को दे दी है।मृतक के शव को अंतिम दाह संस्कार के लिए 11 बजे बरारी घाट परिजन स्वजन लेकर गए हुए हैं।ग्रामीणों ने इस गांव में मेडिकल टीम भेज कर कैंप कर कोरोना सैंपलिंग कराने की गुहार लगाई है।सीएचसी हेल्थ मैनेजर राजेश रंजन ने बताया कि जानकारी मिलने पर मेडिकल टीम भेजकर कैंप करवाते हुए जांच कराई जाएगी।
रिपोर्ट :कुमुद रंजन राव