रजौन(बांका ):धोरैया विधानसभा के वर्तमान राजद विधायक भूदेव चौधरी की सदस्यता रद्द करने को लेकर जदयू पूर्व विधायक मनीष कुमार ने सर्वोच्च न्यायालय में परिवाद दायर किया है। राजद विधायक पर चुनाव आयोग के सामने अपनी अपराधिक मामले छुपाने का आरोप लगा है ।मालूम हो कि राजद विधायक श्री चौधरी पर भागलपुर कोर्ट में जबरन जमीन हड़पने का मामला विचार अधीन है ।जमीन हड़पने से संबंधित मामला भागलपुर के मोजाहिदपुर थाने में केस संख्या 468/15 दर्ज है। परिवादी जदयू पूर्व विधायक मनीष कुमार ने देश के शीर्ष अदालत को परिवाद में बताया है कि जानबूझकर चुनाव जीतने के ख्याल से अपनी अपराधिक छवि को छुपाया गया। अगर मामला उजागर रहता तो चुनाव पर जातिगत वोट का असर पड़ सकता था ।यह एक संगीन आरोप है जो लोकतंत्र का हनन करती है। चुनाव आयोग का साफ निर्देश है कि चुनाव प्रत्याशी को अपनी अपराधिक छवि की जानकारी चुनाव के दौरान देनी है, लेकिन धोरैया विधायक ने जानबूझकर चुनाव जीतने के मकसद से जानकारी छुपाई है। चुनाव जीतने के कुछ दिन बाद ही धोरैया विधानसभा क्षेत्र के उपरामा ग्राम निवासी सह जदयू नेता बमशंकर चौधरी ने पूर्व में राजद विधायक भूदेव चौधरी पर चुनाव में अपनी अपराधी जानकारी छुपाने को लेकर पटना उच्च न्यायालय में मामला दर्ज कराया था।जिसकी सुनवाई कोविड-19 के कारण नहीं हो सकी है।अब कोर्ट द्वारा एक जुलाई तक जवाब देने को लेकर विधायक को नोटिस दी गई है। सर्वोच्च न्यायालय में 12 जुलाई को सुनवाई की तारीख मुकर्रर की गई है। इस मामले को लेकर धोरैया विधानसभा में अचानक सियासी पारा बरसाती मानसून के साथ गर्म होते जा रहा है। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में खबर आने की सिलसिला के साथ चौक चौराहों और चाय दुकानों पर राजनीतिक गहमागहमी तेज देखी जा रही है। जानकारों की मानें तो इस मामले में भूदेव चौधरी की सदस्यता समाप्त भी हो सकती है ? सवाल यहां यह उठता है कि वर्तमान विधायक ने जमुई लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ते समय चुनाव चुनाव आयोग को इस अपराधिक मामले की जानकारी दी गई थी,लेकिन किस मकसद से धोरैया विधानसभा चुनाव नामांकन दाखिला के समय में जानकारी छुपाई गई ? यह मतदाताओं के लिए अभी तक एक पहेली बनी हुई है। राजद विधायक भूदेव चौधरी ने चुनाव के समय अपने चार आपराधिक मामले को सार्वजनिक किया है। जबकि दो मामले को छुपाया गया है। एक मामला जबरन जमीन हड़पने तथा दूसरा रजौन में आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित केस संख्या 121/2009 दर्ज को छुपाया गया है। राजनीति के इस दावे पर में कौन किसे मात देता है यह तो आने वाला समय ही बताएगा------?
राजद विधायक भूदेव चौधरी ने बताया है कि यह लिपिकीय भूलवश मामला सार्वजनिक नहीं हो पाया है। कोर्ट के नोटिस के आलोक में जवाब दे दी जाएगी।
जदयू के पूर्व विधायक मनीष कुमार ने बताया कि सभी को पता है कि भागलपुर में जमीन कब्जा करने का मामला कई वर्षों से वर्तमान विधायक पर है। चुनाव परिणाम के बाद अपने चुनाव संबंधी कागजात निरीक्षण करने के दौरान सभी उम्मीदवार का चुनावी हलफनामा देखा तो सबंधित केश को नहीं पाकर मैंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया,अब कोर्ट के फैसले का इंतजार है।
रिपोर्ट :चंपारण नीति के समाचार संपादक -कुमुद रंजन राव