पिकप पलटी 15 जख्मी छः रेफर 

 बांका (चांदन):पूर्णिया से देवघर बच्चे के मुंडन के लिए जा रहे एक पिकप वाहन के चांदन नदी पुल के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसपर सवार 15 श्रद्धालू जख्मी हो गए।जिसमे छः की हालत नाजुक देख कर उसे बेहतर इलाज के लिए देवघर रेफर कर दिया गया है। दुर्घटना के बाद कई घण्टे तक अस्पताल में चीख पुकार होता रहा।और दर्द से जख्मी कराहते रहे।वहां उपस्थित महिला चिकित्सक ममता कुमारी ने बताया कि अस्पताल में इस समय दर्द की सुई उपलब्ध नही है।उसे बाजार से लाना होगा। फिर थाना के स अ नि जितेंद्र कुमार तिवारी ने अपने  पैसे से सुई बाजार से मंगा कर चिकित्सक को दिया। उसके बाद सभी को सुई लगाई गई। उसके बाद चीख पुकार कम हो सका।बताया जाता है कि पूर्णिया जिले के बलना ग्राम निवासी रेखा देवी अपने पुत्र के मुंडन के लिए  पिकप वाहन से देवघर आ रही थी।जिस पर कुल 34 लोग सवार थे।चांदन नदी पुल के पहले पिकप का तेज रफ्तार के कारण सन्तुलन बिगड गया।और सड़क किनारे बिजली के पोल से टकरा कर उलट गयी। जिससे बिजली का पोल टूट का उसी वाहन पर गिर गया। जिससे सभी जख्मी हो गए।पोल पर कभर लगा तार होने के कारण एक बड़ा खतरा टल गया।पुलिस को सूचना मिलते ही एम्बुलेन्स से साथ घटना स्थल से सभी को उठा कर अस्पताल लाया गया। जिसका इलाज किया गया।जिसमें राधा देवी 55 बर्ष, राजू देवी 45,शिव नारायण पाठक 60,बिट्टू मल्लाह 22 बर्ष, प्रकाश मल्लाह 25 बर्ष, परिया देवी 70 बर्ष, गौरी देवी 55 बर्ष, अरुषा देवी 65 बर्ष, बिरछी देवी 50 बर्ष, नरेश मल्लाह 25 बर्ष, मौसम कुमार 14 बर्ष, बोधी मल्लाह 65 बर्ष, रानी देवी 30 बर्ष, पृथ्वी मल्लाह 65 बर्ष, रूपा देवी 28 बर्ष सभी बलना पूर्णिया निवासी थे।बाद में राधा देवी,शिवनारायण पाठक,अनिता देवी,प्रकाश मल्लाह,नरेश मल्लाह औऱ बिरछी देवी की स्थिति काफी नाजुक देख कर उसे देवघर बेहतर इलाज के लिए भेज दिया गया है। इस संबंध में थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जप्त कर मामला दर्ज करते हुए।सभी जख्मी के परिजनों को सूचना देकर इलाज स्थल पर बुलाया गया है।

जाको राखे साईया मार सके न कोय वाली कहावत सोमवार सुबह उस वक्त सही साबित हो गयी। जब पूर्णिया से देवघर जा रही एक पिकप चांदन नदी पुल के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गयी।जिसपर सवार 15 व्यक्ति जख्मी हो गये जिसमे छः की हालत नाजुक देख देवघर रेफर कर दिया गया। उसी पिकप वाहन पर तीन छोटे छोटे बच्चे कृष्ण कुमार 5 बर्ष, सुहाना 4 बर्ष, मंजीत 6 बर्ष भी सवार था। लेकिन किसी भी बच्चे को खरोच तक नही आई। जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से जख्मी है। अस्पताल की भीड़ में इन बच्चों को सुरक्षित देख माता पिता की पीड़ा कुछ कम हुई।और वे इसके लिए भगवान भोलेशंकर का आशीर्वाद ही मान रहे है।



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