रजौन(बांका): आषाढ़ पूर्णिमा के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने परम पवित्र भगवा ध्वज के समक्ष गुरु पूजन उत्सव कार्यक्रम किया। इस मौके पर संघ के विभाग सह कार्यवाह विजय विश्वरंजन चांदवाला ने अपने बौद्धिक में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना परम पूज्य डॉक्टर केशव बलिराम राव हेडगेवार ने 1925 ईस्वी में विजयादशमी के दिन किया था। इस मौके पर उन्होंने परम पवित्र भगवा ध्वज को आरएसएस ने गुरु समझते हुए 1927 ईस्वी से लगातार आषाढ़ पूर्णिमा के शुभ अवसर पर गुरु पूजन उत्सव के साथ साथ समर्पण की भावना से गुरु को दक्षिणा समर्पित करते हैं। उन्होंने कहा इसी गुरु दक्षिणा की राशि से संघ द्वारा सालों भर तक देश में तरह-तरह का कार्य किया जाता है। इस मौके पर संघ के समर्पित 40 स्वयंसेवकों ने भगवा ध्वज को गुरु मानते हुए पूजन के साथ-साथ गुरु दक्षिणा किया। इस मौके पर संघ गीत,अमृतवाणी,एकल गीत,संघ प्रार्थना के साथ कार्यक्रम संपन्न हो गया। गुरु पूजन के अवसर पर मां गायत्री संयुक्त विद्यार्थी शाखा के मुख्य शिक्षक गौरव कुमार,गण नायक सुमन सौरभ,गण शिक्षक सौरभ कुमार, जिला सेवा प्रमुख अमरेंद्र कुमार, खंड कार्यवाह रंजीत कुमार, डॉ ब्रजबिहारी राव, विमलेंदु भूषण पाठक, दिलीप कुमार मंडल, प्रीतम कुमार राव, अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, कुमुद रंजन राव,अवधेश झा,देवेंद्र प्रसाद सिंह,प्रोफेसर रविंदर कुमार सिंह सहित काफी संख्या में संघ के स्वयंसेवकों ने पूजन के साथ-साथ गुरु दक्षिणा किया। एकल गीत संगीत एवं अमृतवाणी उपरामा के स्वयंसेवक अवधेश कुमार एवं संघ प्रार्थना बाल स्वयंसेवक सक्षम आनंद ने कहा। विभाग सह कार्यवाह विश्वरंजन चांदवाला ने बताया कि गुरु पूजन एवं दक्षिणा का कार्यक्रम रजौन प्रखंड सहित जिले में 126 स्थानों पर किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
रिपोर्ट :के आर राव