बांका (चांदन):बिहार सरकार के पदाधिकारियों द्वारा कभी कभी अजीबोगरीब आदेश पारित कर दिया जाता है।जिससे कभी कभी असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसा ही एक मामला चांदन थाने में जप्त एक स्कार्पियों वाहन के साथ भी हुआ है।मामला चांदन थाना कांड संख्या 148/16 में शराब के साथ जप्त वाहन के मालिक ज्वाला प्रसाद सिंह लालपुर जसीडीह निवासी के साथ हुआ है। इसके वाहन को माननीय उच्च न्यायालय पटना द्वारा बर्ष 2017 में ही मुक्ति आदेश मिल गया था।लेकिन उसके मुक्ति के साथ जो शर्ते लगाई गई थी उसे आजतक पूरा नही करने से कारण वाहन थाने से मुक्त नही हो सकी है।पुनः वाहन मालिक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सी डब्यू जे सी नम्बर 3445/20 में एक रिट दायर किया गया था।जिसकी सुनवाई कोरोना के कारण पुरी नही हो सकी है। इसी बीच उच्च न्यायालय के मुक्ति आदेश के बाबजूद वाहन मालिक को यह जानकारी मिली कि उसके वाहन को जिला से नीलाम कर दिया गया है।जानकारी पर जब वाहन मालिक ज्वाला प्रसाद सिंह उत्पाद अधीक्षक बांका जाकर जानकारी चाही तो उसे बताया गया कि इस कार्यालय के पत्रांक 564/21 में इस वाहन को नीलाम कर दिया गया है। वाहन मालिक द्वारा छानबीन में यह बात भी सामने आई है कि जिस पत्रांक औऱ दिनांक में उसके वाहन के नीलामी की बात बताई जाती है।उस सूची में उस वाहन का नम्बर जे एच 15 के 2850 दर्ज नहीँ है। फिर उसकी नीलामी कैसे हो गयी।इस पर आम चर्चा हो रही है।वही वाहन मालिल का कहना है कि वाहन मुक्ति आदेश उच्च न्यायालय से प्राप्त होने औऱ उसके बाद हो रही सारी गतिविधि की जानकारी चांदन थाना सहित उत्पाद विभाग और जिलाधिकारी तक को आवेदन के द्वारा पूर्व में ही दे दिया गया था। फिर भी सभी को दरकिनार कर बिना सूची जारी किए मेरे वाहन को आनन फानन में किसी को फायदा पहुंचाने के लिए उसे नीलाम कर दिया गया।लेकिन थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार को जब नीलाम में वाहन मुक्त करने का आदेश मिला तो उन्हें काफी आश्चर्य हुआ जबकि उन्हें उच्च न्यायालय का मुक्ति आदेश की प्रति भी पहले मिल चुकी थी।फिर थानाध्यक्ष ने वाहन को नीलाम लेने वाले के पक्ष में मुक्त करने से साफ इंकार कर दिया। थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार ने बताया कि पहले उच्च न्यायालय फिर नीलाम पदाधिकारी का मुक्ति आदेश के बारे में उन्होंने वरीय पदाधिकारियो को जानकारी देकर वाहन मुक्त करने से इंकार कर दिया।अब वरीय पदाधिकारी जैसा आदेश देगे उसका पालन किया जाएगा।
उच्च न्यायालय के मुक्ति आदेश के बाबजूद नीलाम हुआ वाहन,थानेदार ने पकड़ा मामला।
byआमोद कुमार दुबे
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