रजौन(बांका): पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण धान की रोपाई का कार्य बाधित हो रहा था।क्योंकि भूगर्भ जल का स्तर अभी भी पर्याप्त नहीं बन पाया था। जिस कारण से किसान डीजल पंप सेट के द्वारा पानी खींचना मुश्किल हो रहा था। डीजल पंपसेट असफल हो रहे थे हालांकि कुछ किसान जिन्हें बिजली की सुविधा है वह समरसेबल पंप के द्वारा यत्र -तत्र रोपाई कर रहे थे।किंतु देव इंद्र के आंख मिचौली के बीच इधर 20 जुलाई को अच्छी बारिश हुई थी। जिससे लगभग सभी खेत में पर्याप्त पानी उपलब्ध हो गया है और तेजी से रोपाई का कार्य में किसान लग गए हैं।हर एक गांव के सभी ट्रैक्टर खेत की जुताई के काम में लगे हुए हैं। ज्योंही बारिश हुई किसान ट्रैक्टर वाले के पास आने जाने लगे और जुताई का कार्य तीव्र गति से जारी है। इसी तरह से अगर तीन-चार दिन बाद पुन: एक बार बारिश होती तो किसान बखूबी अपने रोपाई का कार्य सम्पन्न कर लेते। इसके पूर्व भी धान की सीधी बुआई जीरो टीलेज से के माध्यम से कर चुके हैं उनके लिए इस वारिश ने सोने पर सुहागा साबित कर दिया है। उपरामा के प्रतिशील किसान रुपेश चौधरी ,कठौन के प्रमोद कुमार के साथ अन्य किसानों ने सीधी बुआई की है जो कि इस वारिश से अत्यधिक प्रसन्न हैं ।कृषि विभाग के सहायक तकनीकि प्रबंधक एटीएम रंजन कुमार ने कहा कि अगर इसी तरीके से समय के साथ किसान वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित खेती करेगे तो उनकी आमदनी बढेगी और मेहनत एवं लागत में भी कमी आएगी। तथा खेती करने वाले किसान के साथ अन्य लोग भी किसानी से जुड़ने में सहजता महसूस करेगे जिससे बिहार की आर्थिक स्थिति सुदृढ होगी
रिपोर्ट: के आर राव