नहर विभाग के चलते किसान श्रमदान से टूटे तटबंध का करते हैं मरम्मत

रजौन(बांका): सिंचाई नहर बांध का स्थिति काफी बदतर है। धार एवं सिंचाई विभाग द्वारा किसानों की सिंचाई की समस्या को कोई ध्यान नहीं देने की वजह से किसान स्वयं श्रमदान से टूटे नहर के तटबंध का मरम्मत कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार हरना प्रशाखा नहर ओरहारा -,मोरामा के बीच कई वर्षों से टूटते चला आ रहा है। नहर एवं सिंचाई विभाग द्वारा समय नहर का कोई मरम्मत नहीं करने की वजह से मोरामा - आसमानी चक सहित नीचे के कमांड एरिया के किसान स्वयं आगे आकर प्रतिवर्ष टूटे तटबंध का मरम्मत श्रमदान से कर रहे हैं।मोरामा,आसमानीचक गांव के किसान विक्की,चंदन,राजपति सिंह,प्रमोद यादव,भैरो साह,अर्जुन साह सहित अन्य किसानों ने बताया कि प्रतिवर्ष इलाके के किसान सिंचाई श्रमदान से ही नहर टूटे तटबंध का मरम्मत करते रहे हैं। बीते वर्ष भी 30 जुलाई 2020 को इसी तरह से इलाके के किसानों ने श्रमदान से तटबंध मरम्मत किया था। किसानों ने बताया सिंचाई विभाग सिर्फ नहरी टैक्स वसूलने के समय आता है। किसानों के खेत में पानी जा रहा है या नहीं इस से कोई मतलब नहीं रहता है।श्रमदान से मरम्मत के क्रम में किसानों को सिंचाई विभाग के प्रति काफी रोष देखा जा रहा है।

रिपोर्ट: के आर राव 

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