रजौन(बांका): प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार को भारतीय संस्कृति और परंपरा का लोक पर्व कर्मा-धर्मा का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। मान्यता के अनुसार यह पर्व बहनों द्वारा अपने भाई की सुख समृद्धि की कामना को लेकर किया जाता है। यह हर वर्ष भाद्र मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। जो इस वर्ष 17 सितम्बर दिन शुक्रवार को मनाया गया। भाई की लंबी उम्र की कामना के लिए बहने अपने घर के बाहर एक छोटा सा तालाब बनाकर उसे अच्छी तरह फल-फूल के पौधों से प्राकृतिक सौंदर्य देते हुए सजाया गया था। इसके उपरांत संध्या में नए-नए परिधानों में सजधज कर भगवान शंकर, माता पार्वती और प्रथम पूजनीय सिद्धिविनायक गणेश की पूजा अर्चना किया गया। इसके बाद तालाब के चारों ओर घूम-घूम कर कर्मा-धर्मा का लोक गीत गाती नजर आई।
इस पावन अवसर पर पर व्रतियों को कर्मा-धर्मा की कथा भी सुनाई गई। इस लोक पर्व में कुमारी कन्या व महिलाएं और बच्चे भी उत्साह पूर्वक भाग लेते नजर आए। मान्यता के अनुसार इस पर्व को प्रकृति पर्व भी कहा जाता है। लोगों ने इस पर्व के माध्यम से अच्छी पैदावार की भी कामना की। इस पर्व में भाई भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं और बहनों की सुरक्षा के प्रति अपना समर्पण भाव व्यक्त करते हैं। पूजा के बाद पूजन स्थल पर बने तालाब को भाई द्वारा अपने बहन का हाथ पकड़ कर उसे पार कराने की परंपरा को भी निभाया गया। मालूम हो इस लोक पर्व का इंतजार लोग वर्ष भर करते हैं और काफी उत्साह के साथ संस्कृति की इस लोक परंपरा का निर्वहन करते हैं। कर्मा-धर्मा की तैयारी बहने सात दिन पूर्व से ही करना शुरु कर देती है। इस दौरान पारंपरिक लोक पर्व कर्मा-धर्मा को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में युवतियों का उत्साह चरम पर रहता है। टोलियां बनाकर गांव की कन्याएं नृत्य संगीत की पूर्वाभ्यास करती हैं। इस क्रम में कन्याओं की बड़ी बहन और गांव की बुजुर्ग महिलाएं भी उन्हें मदद करने में लगी रहती हैं। शुक्रवार की संध्या व्रतियों द्वारा कर्मा-धर्मा का यह त्योहार विधि विधान के साथ काफी उत्साह से मनाई गई। इस दौरान देर रात तक नृत्य संगीत का भी आयोजन होता रहा। इस मौके पर बड़े बूढ़े और बच्चों की सहभागिता से काफी आसपास का वातावरण काफी मनोरंजक और आनंददायक रहा। इस अवसर पर रजौन बाजार, भुसिया, उपरामा, लीलातरी, खिड्डी, नवादा, विष्णुपुर, बामदेव, परघड़ी, लकड़ा, धौनी, मोरामा, बनगांव, सुहानी, पुनसिया सहित प्रखंड क्षेत्र के अन्य गांवों में धूमधाम से यह पर्व मनाया गया।
रिपोर्ट:केआर राव