बांका (चांदन):प्रखंड के बिरनिया पंचायत का जमुनी गांव का एक मात्र पुल लगातार तीन दिनों की बारिश में पूरी तरह टूट गया है। जिससे बिहार औऱ झारखंड के कई गांव का सम्पर्क मुख्यालय से पूरी तरह टूट गया है।इतना ही नही अब इस गांव तक आने जाने के लिए झारखंड से होकर आना होगा।इस पुल का निर्माण बर्ष 2016 में हुआ था।जिस पुल से होकर जमुनी,ऊपर जमनी, बिशनपुर, सलैया,मुलाडीह वाले करीब 5000 से अधिक ग्रामीणों को गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।अब इस पुल की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगा है। कुछ ग्रामीण इसके लिए स्थानीय प्रशासन को भी जिम्मेदार मान रहे है।ग्रामीण जोतिन चौधरी,बाबूलाल चौधरी,राजेन्द्र राय,टेकन राय ने बताया कि जमनी गांव के ही जयकुमार चौधरी की देखरेख में इस पुल का निर्माण किया गया था। निर्माण के समय भी ग्रामीणों ने घटिया सामग्री का आरोप लगाया था।पर किसी ने ध्यान नही दिया।इतना ही नही माह जून में हुई लगातार बर्षा से पुल कई जगह क्षतिग्रस्त होकर बड़ा बड़ा दरार आ गया था। जिसकी खबर कई समाचार पत्रों में आने औऱ सभी पदाधिकारियों को जानकारी के बाबजुद मरम्मत के लिए कोई पहल नही की गई।जिस कारण यह पुल पूरी तरह टूट गया। उस वक्त अगर मरम्मत का काम कराया जाता तो ग्रामीणों को इस समस्या से बचाया जा सकता था। इस पुल के टूटने से गांव के स्कूल आने वाले शिक्षक जो गांव से बाहर रहते है उसे आने एवं यहां के बच्चों को उच्च विद्यालय जाने वाले छात्र औऱ छात्राओं के अलावे बीमार व्यक्ति औऱ प्रसवग्रस्त महिलाओं की काफी परेशानी गुजरना पड़ेगा।
चांदन प्रखंड के जमुनी पुल को किया ध्वस्त,5000 की आबादी प्रभावित,टूटा मुख्यालय से सम्पर्क
byआमोद कुमार दुबे
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