मेहनताना भुगतान नहीं होने से अशोक लीलैंड के गार्ड दर-दर भटकने को है मजबूर

रजौन (बांका):रजौन प्रखंड अंतर्गत परघड़ी गांव निवासी नवल किशोर रजक अपने साथ हुए धोखाघड़ी को लेकर दर-दर भटक रहे हैं। जिसको लेकर जिला पदाधिकारी और श्रम अधीक्षक एवं लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी रजौन को उनके द्वारा कमाई की गई मजदूरी को भुगतान नहीं कराने के संबंध में आवेदन दिया है। नवल किशोर रजक द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि मैंने हिम्मत सिंह ब्रदर्स अशोक लीलैंड कटियामा रजौन में दिसंबर 2019 से गार्ड के पद पर 2020 तक काम किया है। कोरोना काल में भी मुझसे काम करवाया गया था। जिसमें मेरा अभी तक 90 हजार रूपया मजदूरी का राशि होगा। पैसा मांगने पर हमें कंपनी से जीएसटी का बहाना बनाकर भगा दिया जाता है, पर आज तक मेरे बकाया वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है। मुझे शक है कि कहीं वहां के कर्मचारी गण मेरे पैसा को बंदरबांट तो नहीं कर लिया है। मेरा कहना है कि जब हमको आप अपने कंपनी में नहीं रखना चाहते हैं तो पहले का मेरा वेतन का बकाया राशि हमें दे दिया जाए। यहां तक कि मेरी मजदूरी भी रख लिया और हमें वहां से हटा दिया। अपनी मजदूरी का राशि लेने के लिए मैं दर-दर भटक रहा हूँ, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। जबकि उक्त कंपनी के लेटर पर लिख कर दिया गया था कि 50 हजार का चेक फिलहाल भुगतान कर दिया जाएगा जिसके बाद हिसाब किया जाएगा। लेकिन मुझे कोई राशि नहीं दिया गया है अभी तक।

रिपोर्ट: केआर राव 

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