डायरिया से बच्चे की मौत के बाद प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बखड्डा पहुंचकर लिया जायजा

रजौन (बांका):प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत खैरा पंचायत के बखड्डा गांव के महादलित टोले में दूषित पानी पीने और नाले में जलजमाव एवं गंदगी रहने के कारण डायरिया महामारी फैलने से बखड्डा निवासी पेरू तांती का 8 वर्षीय पुत्री राधिका कुमारी की मौत एवं करीब एक दर्जन डायरिया के चपेट में ग्रामीण है। जिसमें कई का उपचार संझा, राजावर एवं भागलपुर के निजी क्लीनिक में उपचार करवाने के लिए भर्ती है। जिसकी खबर सोमवार को अखबार में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए मंगलवार को डॉ. संजय कुमार एवं समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के टीम ने डायरिया फैले बखड्डा गांव पहुंचकर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करवाते हुए गंदी नालियों की साफ-सफाई करवाया गया। इसके पूर्व देर रात को बीडियो राजकुमार पंडित एवं सीओ मोइनुद्दीन ने उक्त गांव पहुंचकर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। बता दे कि एक सप्ताह पूर्व भी आजमतुल्ला गांव में डायरिया महामारी से दो लोगों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद भी विभाग सजग नहीं होने के कारण बीते रविवार को भी बखड्डा गांव में एक मासूम 8 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। दोनों गांव में दूषित पानी पीने और गंदगी के कारण डायरिया महामारी फैलने के कारण बताया गया। बखड्डा महादलित गांव में ना ही नल जल योजना की कोई व्यवस्था देखने को मिली और ना ही उक्त गांव में कुछ को छोड़कर शौचालय व्यवस्था देखने को मिली। गांव के लोगों को इतना भी पता नहीं था कि उल्टी और दस्त होना डायरिया का लक्षण है। महादलित गांव रहने के कारण लोग उक्त बीमारी से अनभिज्ञ थे। जिसके कारण पूछने पर बीमार से ग्रसित के परिजन बताते हैं कि कोई बीमारी नहीं है सिर्फ उल्टी और दस्त हो रही है।
रिपोर्ट: केआर राव 

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