रजौन (बांका): चार दिवसीय छठ महापर्व का बुधवार को अस्तलगामी एवं गुरुवार को उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ शांतिपूर्ण वातावरण में समापन हो गया। इससे पूर्व मंगलवार को नेम और निष्ठा के साथ खरना पूजन संपन्न हुआ था। छठ पर्व समाप्त होते ही प्रसाद ग्रहण करने के लिए छठ व्रतियों के घर पर आसपास के श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। छठ महापर्व को लेकर रजौन, पुनसिया, नवादा बाजार सहित ग्रामीण इलाकों में छठ घाटों को आकर्षक तरीके से केले के थम आदि से सजाया गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार रजौन प्रखंड वासी छठ महापर्व रजौन-बाराहाट सीमा पर अवस्थित मुख्य सड़क मार्ग स्थित महाशय डेहरी छठ घाट जहां प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी छठ पूजा समिति पुनसिया बाजार द्वारा भगवान भास्कर का आकर्षक प्रतिमा स्थापित करते हुए पूजा-अर्चना की गई। इसी प्रकार मुख्य सड़क मार्ग स्थित ही चांद सरोवर, कतरिया नदी-जख बाबा छठ घाट, रजौन थाना स्थित ऐतिहासिक सूजा शिकार तलाब छठ घाट, रजौन मोदी हाट दुर्गा मंदिर स्थित छठ घाट, लकड़ा काली मंदिर स्थित नपकीएड़ा छठ घाट सहित चांदन नदी, नवादा-धनकुंड थाना सीमा पर अवस्थित कदवा नदी लखना बांध छठ घाट, कोल्हनी, बाबूरा प्रशाखा नहर, हरना प्रशाखा नहर, उपरामा तालाब, फकीरा बांध, दो मुहान सहित प्रखंड वासी अपने-अपने सुविधा अनुसार अगल-बगल स्थित छठ घाटों को आकर्षक तरीके से सजाकर लोक आस्था का महापर्व श्रद्धा व नेम निष्ठा के साथ भगवान भास्कर को डूबते एवं उगते हुए समय अर्घ्य दान किया गया। प्रखंड क्षेत्र के विशेष चिन्हित 13 छठ घाटों पर प्रशासन की ओर से गोताखोरों के साथ-साथ चौकीदारों से लेकर सशस्त्र बलों आदि तक को लगाया गया था।
रिपोर्ट: केआर राव
