किसान चौपाल के अंतिम दिन महगामा के किसानों ने सीखी आधुनिक कृषि के तकनीकी पहलू

रजौन (बांका):रजौन प्रखंड क्षेत्र के 18 पंचायतों में पिछले 25 अक्टूबर 2021 से लगातार किसानों को नए-नए तकनीकी खेती के प्रति जागरूक करने के लिए किसान चौपाल आयोजित कर तकनीकि जानकारी दी गई, जिसमें जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अंतर्गत धान, गेहूं, आलू, मूँग, मसूर को बिना मजदूर के कृषि यंत्रो के माध्यम से करने पर खर्च आधी हो जाती है और मुनाफा दोगुना होता है। हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, जीरो टीलेज, लेजर लैंड लेवलर यंत्रों का उपयोग करने से समय एवं मेहनत की भी बचत होती है सब्जी की खेती भी पोटैटो ट्रांसप्लांटर के माध्यम से की जाती है तथा नैनो यूरिया का उपयोग ड्रोन के माध्यम से करने पर मेहनत एवं पैसे की बचत होती है तथा मिट्टी का स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। अंतिम दिन घायहरणा-महगामा के महगामा गांव में किसान चौपाल में प्रखंड तकनीकि प्रबंधक राजीव प्रसाद सिंह, सहायक तकनीकि प्रबंधक रंजन कुमार, मास्टर ट्रेनर अभिषेक भारती, किसान सलाहकार विपिन शर्मा ने कृषि विभाग, उद्यान विभाग, के बहुत से योजना की जानकारी दी रबि फसल के लिए बीज वितरण प्रखंड कृषि कार्यालय में शुरू हो गई है। पराली प्रबंधन एवं बीजोपचार पर विशेष ध्यान आकृष्ट किया इसके अलावा धान, गेहूं के अलावा समेकित कृषि प्रणाली मॉडल, औषधीय पौधों की खेती, पशुपालन वैज्ञानिक पद्धति से करने की सलाह दी मछली पालन के लिए भी किसानो को प्रेरित किया मछली पालन वाले तालाब से निकाले गए पानी को फसल में पटवन के लिए उपयोग करने से उर्वरक की तरह कार्य करता है और तालाब में सालोभर जल रहने से भूमिगत पानी (अंडरग्राउंड वाटर लेवल) की मात्रा भी नियंत्रित रहती है इस चौपाल में छोटेलाल सिंह, धनंजय सिंह, पवन सिंह, चुन्ना सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में पंचायत के लोग उपस्थित हुए।

रिपोर्ट: केआर राव 

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