आत्मा समूह द्वारा गठित कतरनी उत्पादक समूह का वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण

रजौन (बांका): प्रखंड क्षेत्र के कैथा गांव में रविवार को आत्मा समूह द्वारा गठित कतरनी उत्पादक समूह का वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण किया गया। मालूम हो कि परियोजना निदेशक, आत्मा बांका के मार्गदर्शन में एकता कृषक हितार्थ समूह का गठन कर समूह में कतरनी धान का उत्पादन किया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य कतरनी धान की खोई हुई ख्याती को अंतराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। इसी तर्ज पर सबौर कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार, डॉ. मंकेश, कृषि विज्ञान केन्द्र, बांका से ई. मनीष कुमार, प्रखंड कृषि कार्यालय रजौन से सहायक तकनीकि प्रबंधक रंजन कुमार ने पके हुए कतरनी धान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों को और अधिक मुनाफा के लिए कैथा के किसानों को समूह में सिचाई के लिए मिनी स्प्रिंकलर, टपक सिचाई अनुदान पर एवं पोस्ट हार्वेस्ट के लिए राइस मिल, चूड़ा मिल, मुढ़ी मिल दिया जाएगा, इसके साथ ही पैकेजिंग यूनिट भी दिया जाएगा जिससे किसानो के उत्पाद को डायरेक्ट पैकिंग कर बिहार से बाहर के राज्यों में भेजा जाएगा तथा भारत से भी बाहर के देशों में निर्यात किया जाएगा, जिससे किसानों द्वारा किए गए मेहनत का परिणाम अंतराष्ट्रीय स्तर पर उभर सके और कतरनी धान की खोई हुई ख्याती पुनः जिवित हो सके तथा मझगांय-डरपा एवं सिंहनान पंचायत के लोग हतोत्साहित होकर और अधिक उपज करे। इसके साथ ही कतरनी धान द्वारा अनेको प्रोडक्ट (चूड़ा, चावल) को दुनिया के हर एक कोने में ब्रांड बनाकर भेजा जा सके।

रिपोर्ट:केआर राव 

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