जिप अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रमुख सहित अन्य पदों के निर्वाचन की तिथि राज्य निर्वाचन आयोग ने की निर्धारित

रजौन (बांका): जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न होने के बाद अब सबकी नजर जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष प्रमुख व उप प्रमुख एवं उप मुखिया व उप सरपंच पद के निर्वाचन पर टिकी हुई है। इन पदों के निर्वाचन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा शनिवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा अधिसूचना जारी करने के बाद जिला से लेकर ग्राम पंचायत के वार्ड तक राजनीति गर्म हो गई है। सभी गठजोड़ करने में लग गए हैं। राज्य सरकार द्वारा जारी सूचना में उप मुखिया व उप सरपंच पद के लिए 24 से 31 दिसंबर 2021, जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष तथा प्रमुख व उप प्रमुख पद के निर्वाचन के लिए 27 दिसंबर से 3 जनवरी 2022 तक तिथि निर्धारित की गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के जारी अधिसूचना के अनुसार जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष प्रमुख व उप प्रमुख उप मुखिया व उप सरपंच पद के निर्वाचन की तिथि निर्धारित होने के बाद प्रखण्ड से लेकर जिले तक प्रशासनिक तैयारियां जोरशोर से प्रारम्भ कर दी गई है। इस संबंध में जिला पंचायती राज पदाधिकारी रंजन चौधरी ने बताया है कि आयोग से मिले पत्र के अनुसार उक्त सभी पदों के लिए एक निश्चित तिथि की घोषणा जिला प्रशासन के की जा रही है। इस संबंध में सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सूचना देने का कार्य प्रारम्भ कराया जा रहा है। निर्धारित तिथि को निर्वाचित सभी सदस्यों को चुनाव के समय अपना मूल प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य कहा गया है। वहीं चुनाव समाप्त हो जाने के बाद सभी नवनिर्वाचत प्रतिनिधियों को शपथ भी दिलाया जाएगा। जानकारी के अनुसार जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न होगी। जबकि प्रमुख व उप प्रमुख का चुनाव एसडीएम एवं उप मुखिया व उप सरपंच का चुनाव बीडीओ की अध्यक्षता में संपन्न होगी। जिले में संपन्न त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद कई नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के द्वारा चुनाव खर्च का ब्यौरा अब तक जमा नहीं किया गया है। इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा एक आदेश जारी कर 1 जनवरी 2022 तक हरहाल में चुनाव खर्च जमा करने का अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। आयोग के पत्र के अनुसार सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने आरओ के समक्ष चुनाव खर्च करने का निर्देश दिया है। साथ ही आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो निर्वाचित जनप्रतिनिधि समय सीमा के अंदर चुनाव खर्च जमा नहीं करते हैं तो उन्हें अयोग्यता का सामाना करना पड़ सकता है।
रिपोर्ट: केआर राव 

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