शहीद-ए-आजम उधम सिंह के जीवन दर्शन से प्रेरणा ले देश की नई पीढ़ी।


धर्मेंद्र /बेतिया। सत्याग्रह भवन में भारत की स्वाधीनता की75 वीं वर्षगांठ अमृत महोत्सव पर भारत भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी उधम सिंह की जयंती पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं छात्र छात्राओं ने भाग लिया,इस अवसर पर,डॉ एजाज अहमद डॉ सुरेश कुमार अग्रवाल,जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता अमित कुमार लोहिया, शाहीन परवीन ने महान स्वतंत्रता सेनानी उधम सिंह वअमर शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज ही के दिन 26 दिसंबर1899 को भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी उधम सिंह का जन्म हुआ था,उनका जीवन मातृभूमि की स्वाधीनता एवं देश की अखंडता के लिए समर्पित रहा ऊधम सिंह 'सर्व धर्म सम भाव' के प्रतीक थे,इन्होंने अपना नाम बदलकर राम मोहम्मद आज़ाद सिंह रख लिया था,जो भारत के तीन प्रमुख धर्मो का प्रतीक है।भारत की आज़ादी की लड़ाई में अहम योगदान करने वाले  पंजाब के महान् क्रान्तिकारी थे। अमर शहीद ऊधम सिंह ने13 अप्रैल,1919 ई को पंजाब में हुए भीषण जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड के उत्तरदायी माइकल ओ'डायर की लंदन में गोली मारकर हत्या करके निर्दोष भारतीय लोगों की मौत का बदला लिया। उन्होंने चंद्रशेखर आज़ाद,राजगुरु,सुखदेव और भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों के साथ मिलकर ब्रिटिश शासन को ऐसे घाव दिये जिन्हें ब्रिटिश शासक बहुत दिनों तक नहीं भूल पाए।इस अवसर पर वक्ताओं ने नई पीढ़ी से आह्वान करते हुए कहा कि भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी उधम सिंह के जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक हैं।

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