दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभूगंंज (बांका): सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंभूगंंज क्षेत्र के सैंकड़ों आशा कार्यकर्ताओं की दो दिवसीय हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई। आशा कार्यकर्ता अपने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए थे। जिससे दो दिन अस्पताल का काम प्रभावित हुआ। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमें पारितोषिक नहीं मानदेय चाहिए। एक हजार की जगह 18 हजार चाहिए। सरकार एक तरफ महिलाओं को सम्मान देने की बात करती है। दूसरी तरफ आशा कार्यकर्ता को अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। बताया कि एक मजदूर से भी कम मजदूरी पर आशा कार्यकर्ता को चौबीस घंटे काम पर मुस्तैद रहना पडता है। जबकि कोरोना काल का भी मजदूरी नहीं मिलने पर कार्यकर्ताओं ने सरकार से नाराजगी जताई है। वहीं हड़ताल पर प्रदर्शन कर रहे रूपा देवी, साधना कुमारी, शबनम कुमारी, रंजना कुमारी, सोनी कुमारी, ऊषा कुमारी, बेबी देवी, पूनम कुमारी,जूली कुमारी सहित अन्य आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने सहित अन्य मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से सरकारी कर्मी घोषित करने की मांग की है।
