बांका:होली के दिन दुर्गामंदिर परिसर से आठ साल की बच्ची के अपहरण के बाद सामूहिक दुष्कर्म औऱ हत्या मामले के एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद औऱ चारो आरोपी के गिरफ्तार होने के बाबजूद आरोप पत्र समर्पित नही किया गया है। जिससे लोगो मे पुलिस के अनुसंधान पर संदेह उतपन्न हो रहा है।जबकि इस घटना के बाद पूरे प्रखंड ही नही कई जिलों में लगातार आंदोलन किया गया। जिससे पुलिस ने भी इस घटना में शामिल आरोपी श्रीधर वर्णवाल,अजय वर्णवाल,सागर उर्फ सोनी के अलावे विकास पासवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वही इस मामले को लेकर कई स्वयंसेवी संगठन भी लगातार आरोपी को सजा दिलाने के लिए प्रयासरत है। जिसमें साइबर से लेकर हर तरह का जांच भी लगभग पूरा कर लिया गया है। इस मामले को लेकर कुछ स्वयंसेवी संगठन और अन्य संगठन जहां पुलिस को पूरी तरह सफल बता रही है। और उसके हर काम की सराहना कर रही है, वहीं अब पीड़ित परिवार पर ही यह आरोप लगने लगा है कि वह पुलिस को सहयोग नहीं कर रही। इसी कारण आरोप पत्र समर्पित नहीं किया जा रहा है। इसके पीछे भी कुछ स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों का दबाब बताया जाता है। जो गिरफ्तार आरोपी को बचाने की फिराक में है। लेकिन अनुसंधानकर्ता का कहना है कि पुलिस अपने अनुसंधान में उस स्थान तक पहुंच चुकी है जिससे किसी भी आरोपी को बचना संभव नहीं है। लेकिन परिवार के लोगों को भी इस मामले में सहयोग करना होगा तभी पुलिस अपने मुकाम पर पहुंच सकेगी।
परिवार के लोग सहयोग करे तो आरोपपत्र शीध्र दाखिल होगा
byआमोद कुमार दुबे
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