रजौन, बांका : वर्ष 2007 से प्रारम्भ हुए दहेज रहित सामूहिक विवाह कराने की परंपरा इसवर्ष भी 9 मई सोमवार की रात्रि कन्हैया मंडली व हरित रजौन सामाजिक संस्था द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के 6 जोड़ों का सामूहिक विवाह सनातन वैदिक कर्मकांड के अनुसार अलग-अलग मंडप में संपन्न कराया गया। इस सामूहिक विवाह के अवसर पर मोरामा-बनगांव पंचायत अंतर्गत सोहानी ग्राम को दुल्हन की तरह सजाया गया था। कन्हैया मंडली एवं हरित रजौन द्वारा वर-वधू पक्ष से आए लोगों के लिए भोजन की भी व्यवस्था कराई गई थी, साथ ही बारातियों के मनोरंजन के लिए ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था। मालूम हो सोहानी गांव के कन्हैया लाल सिंह को महात्मा भोली बाबा की प्रेरणा से वर्ष 2007 में लोक कार्य करने की भावना जगी। इसके बाद कन्हैया लाल सिंह की अगुवाई में एक मंडली बनी जिसका उद्देश्य लोकयज्ञ कराना था। लोकयज्ञ का अर्थ जिसमें आमलोगों की भागीदारी हो और प्राचीन भारतीय सभ्यता के अनुसार भेदभाव रहित धार्मिक समाज की गरिमा बनी रहे। इसके लिए वर्ष 2007 में मोरामा गांव में यज्ञ का आयोजन किया गया। इस यज्ञ ने समाज में जागृति का काम तो किया लेकिन आयोजकों को लगा कि यज्ञ तो मानव कल्याण के लिए किया जाने वाला धार्मिक कर्म है किंतु इससे पहले उन्हें संस्कार को संपादित करने की आवश्यकता है, जिससे नव भारत का निर्माण हो। मंडली के सदस्यों को यज्ञ के लिए चंदा इकठ्ठा करने के क्रम में कहीं-कहीं यह सुनने को मिला कि धनाभाव के कारण कई लोग अपनी बेटियों की शादी नहीं कर पा रहे हैं। यह बात जानते ही इनलोगों ने वैसे परिवारों से संपर्क किया और निर्णय लिया कि यज्ञ की पूर्णाहुति पर सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा और जिसका सारा खर्च कन्हैया मंडली द्वारा उठाया जाएगा। इसके बाद इस मंडली के लोग ऐसे निर्धन परिवारों से संर्पक करने लगे जिन्होंने अपनी बालिग बेटियों के लिए वर का चुनाव तो कर लिया है लेकिन पैसे के अभाव में शादी नहीं कर पा रहे हैं। इसके बाद वैसे वर-वधु पक्ष से संर्पक कर उन्हें आदर्श विवाह के लिए तैयार किया गया। इस विवाह के एवज में किसी भी प्रकार की शुल्क किन्ही भी पक्ष से नहीं ली गई, बल्कि इस मंडली द्वारा विवाह के दौरान वस्त्रों के साथ-साथ कई सामान दिए गए। जानकारी के अनुसार वर्ष 2007 से शुरू हुई ये परम्परा अब तक में कुल 66 जोड़ों की शादी सम्पन्न करा चुका है। 2007 से 2009 तक लगातार होने के बाद कुछ उलझनों के कारण अगले 5 वर्ष तक यह कार्यक्रम स्थगित रहा। वर्ष 2015 में पर्यावरण मित्र रविरंजन के सहयोग से कन्हैया मंडली ने फिर से इसे सुचारू किया। जानकारी के अनुसार इस विवाह में आयोजक पक्षों द्वारा प्रत्येक वैवाहिक जोड़ों पर 51 हजार रुपए खर्च किए जाते हैं। इसमें लड़की के नाक के स्वर्ण-फूल, चांदी की बिछिया और पायल, लहंगा व सैंडल तथा वर पक्ष को सूट-पेंट व जूते भी प्रदान किए जाते हैं। विवाह के पश्चात दिए जाने वाले नवविवाहित जोड़ों के बीच ट्रंक, पंखा, बर्तन सेट, चौकी, रजाई, तोशक, तकिए, दो-दो कुर्सियां तथा श्रृंगार बॉक्स आदि प्रदान किए जाते हैं। इस वर्ष भी इन सभी सामग्री के साथ-साथ सभी नवविवाहित जोड़े के बीच एक-एक आम का पौधा दिया गया। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य आयोजक महात्मा श्री भोली बाबा के शिष्य सोहानी ग्राम निवासी कन्हैया लाल सिंह, क्षेत्र के मशहूर पर्यावरण मित्र डॉ. रवि रंजन, सुमित कुमार, कार्यक्रम समन्वयक उदयेश रवि, अजय कुमार सिंह, गुड्डू सिंह, प्रियरंजन, बनारसी प्रसाद सिंह, डाक्टर अचल भारती, अमरेश सिंह, प्रफुल्ल सिंह सहित अनेकों जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, साहित्यकार, सोहानी के समस्त ग्रामीण व अन्य बुद्धिजीवी वर्ग के लोग मौके पर उपस्थित थे।
● सोमवार की रात्रि निम्न 6 जोड़े की हुई शादी :-
1. आयुष्मती सोनी कुमारी, पिता - नवीन दास, ग्राम : पुनसिया, रजौन का विवाह आयुष्मान रघु दास, पिता - जगदीश दास, ग्राम : लोनी, बाराहाट, बांका
2. आयुष्मती कुमकुम कुमारी, पिता : नंदू दास, ग्राम : खैरा, रजौन, बांका का विवाह आयुष्मान गौरव कुमार, पिता : जयहिंद दास, ग्राम : चैनपुर, रजौन, बांका
3. आयुष्मती बिंदु कुमारी, पिता : कार्तिक दास, ग्राम : धरहरा, धोरैया, बांका का विवाह आयुष्मान रामरूप कुमार, पिता : गांधी दास, लखपुरा, बाराहाट, बांका
4. आयुष्मती प्रीति कुमारी, पिता : संजीव राउत, ग्राम : केवाड़ी, रजौन, बांका का विवाह आयुष्मान प्रफुल्ल कुमार, पिता : देवन राय, ग्राम : कराड, बांका
5. आयुष्मती सीमा कुमारी, पिता : चंदेश्वरी साह, ग्राम : मनियारपुर, बौंसी, बांका का विवाह आयुष्मान मिठू कुमार, पिता : स्व. गुलो मंडल, ग्राम : कोरकाघाट, पथरगामा, गोड्डा (झारखंड)
6. आयुष्मती साको कुमारी, पिता : प्रदीप राउत, ग्राम : केवाड़ी, रजौन, बांका का विवाह आयुष्मान नीतीश कुमार, पिता : जोगी राउत, ग्राम : खजूरी, फुल्लीडुमर, बांका के साथ संपन्न हुआ।
रिपोर्ट:केआर राव