रजौन, बांका : रजौन थाना मार्ग एवं ऐतिहासिक शुजा शिकार तालाब के तट पर अवस्थित राजवनेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में गुरुवार 5 मई से शुरू हुए 9 दिवसीय शिवशक्ति महारुद्र यज्ञ के तीसरे दिन शनिवार को यज्ञस्थल पर दिनभर श्रद्धालुओं की जमघट लगी रही। श्री शिवशक्ति योगपीठ नवगछिया के पीठाधीश्वर परमहंस स्वामी अगमानंद जी महाराज के कुशल नेतृत्व व पावन दिशा-निर्देश में उनके शिष्य सह मंदार गुरुधाम के वैदिक आचार्य पंडित अनिरुद्ध मिश्र, पंडित ब्रजेश मिश्रा, पंडित हरि नारायण रामानुज दास, प्रियांशु तिवारी, गौतम पांडेय, अनीश पांडेय सहित कई अन्य विद्वान पंडित द्वारा सम्पन्न कराए जा रहे महारुद्र यज्ञ के मंत्रोच्चारण से रजौन बाजार सहित आसपास का वातावरण काफी भक्तिमय हो गया है। यज्ञ परिक्रमा के साथ-साथ यज्ञस्थल पर स्थापित विभिन्न देवी-देवताओं के प्रतिमा के पूजन एवं कथा श्रवण के लिए दूर-दूर से श्रद्धालुओं का आना प्रारंभ हो गया है। मालूम हो इस महारुद्र यज्ञ के मुख्य यजमान के रूप में आयोजन समिति के अध्यक्ष बासुकीनाथ सिंह व उनकी धर्मपत्नी सारिका देवी को बनाया गया है। वहीं यज्ञ आयोजन समिति के सचिव प्रदीप कुमार सिंह एवं उनकी पत्नी पूनम कुमारी को नौ दिवसीय अखंड संकीर्तन का यजमान बनाया गया है। बता दें कि यहाँ यज्ञ हवन के साथ-साथ दिनभर विद्वान साधु-संतों के द्वारा भजन-कीर्तन के साथ-साथ रासलीला एवं रामलीला का मंचन किया जा रहा है। जहां सुबह 8 बजे से 12 बजे तक एवं दोपहर बाद करीब 2 बजे से 4 बजे तक यज्ञ हवन का कार्यक्रम हो रहा है तो वहीं दोपहर 12 बजे से अयोध्या से आए झांकी सरकार रासलीला मंडली के कलाकारों द्वारा रामलीला तथा संध्याकालीन सत्र में स्वामी अगमानंद जी द्वारा शिव महापुराण कथा प्रवचन, कथावाचक कौशल किशोर शास्त्री द्वारा श्री रामकथा तथा झांकी सरकार अयोध्या के रासलीला मंडली के कलाकारों द्वारा रामलीला का आयोजन हो रहा है। वहीं इस नौ दिवसीय महारुद्र यज्ञ को सफलतापूर्वक संपन्न कराने को लेकर आयोजन समिति के अध्यक्ष बासुकीनाथ सिंह, उपाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार, देवनंदन श्रीवास्तव, वीरेंद्र यादव, सचिव प्रदीप कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र साह, उपकोषाध्यक्ष सह उद्घोषक ओंकार भारती, सत्यनारायण सिंह, सिकंदर यादव, डॉ. प्रताप नारायण सिंह, प्रो. जयकुमार राणा सहित आयोजन समिति के सभी सदस्य एवं समस्त रजौन प्रखंडवासी तन-मन से लगे हुए हैं।
रिपोर्ट:केआर राव