बांका:चांदन प्रखंड मुख्यालय में बुधवार को शुरू हुए भूकंप रोधी भवनों के विषय पर राज में स्त्रियों का प्रशिक्षण के दूसरा दिन गुरुवार को सर जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर उन्हें विस्तृत जानकारी दी गई इसकी शुरुआत सीओ प्रशांत शांडिल्य द्वारा किया गया था इस प्रशिक्षण में प्रखंड के 30 राजमिस्त्री भाग ले रहे हैं। उन्हें कुछ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें बताया गया कि भूकंप सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा है, और इसकी चपेट में सूबे के सभी जिले हैं। इसलिए उससे बचने के उपाय के तौर पर राजमिस्त्रियों को भूकंप में भी भवन क्षतिग्रस्त नहीं हो इसी का प्रशिक्षण लेकर निर्माण की मूलभूत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण प्रभारी इंजीनियर अविनभ कुमार औऱ विवेक कुमार ने बताया कि भूकंप रोधी भवन निर्माण में छड़ बांधने की तकनीक सबसे महत्वपूर्ण है। शिविर में राजमिस्त्रियों को जो जानकारी दी जा रही है उसमें मुख्य रूप से चार-पांच घंटे तक ईट को पानी में भिगोने, और छड़ को बांधने, भवन की आकृति, नीव निर्माण, छड़ो को जंग से बचाने के लिए कभर ब्लाक लगाने आदि मुख्य है। मास्टर ट्रेनर सीताराम मुखिया ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में गणेश दास गोपडीह,बेलाल अंसारी चांदन, भीम राउत हड़खार,तिवाजी दास हेठ चांदन, राजेन्द्र मांझी,सुखदेव सहित कई पंचायत के राजमिस्त्री बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं ।इन्हें सरकार द्वारा प्रतिदिन 700 मजदूरी भी दिया जाएगा। इस प्रकार प्रति राजमिस्त्री 4900 का चेक द्वारा भुगतान के साथ उन्हें प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा।
भूकम्परोधी भवन निर्माण का राजमिस्त्री को मिल रहा है प्रशिक्षण
byआमोद कुमार दुबे
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