बांका: चांदन प्रखंड मुख्यालय में पुराने थाना के सामने सरकारी जमीन के साथ हाट की जमीन पर एक बार फिर भूमाफिया की नजर पड़ गयी है। और उसपर निर्माण शुरू करने के साथ उसकी घेराबंदीभी शुरू कर दिया गया है।इस मामले में स्थानीय प्रशासन की उदासीनता इसलिए भी सामने आ रही है
की, इस जमीन को बचाने के लिए प्रदेश से प्रखंड तक करीब 162 आवेदन दिया जा चुका है।यहां तक कि इस जमीन के लिए कुछ सामाजिक कार्यकर्ता आमरण अनशन भी कर चुके है। जिसके बाद उसकी जमीन की बिक्री बंद हुई और अग्रिम ली गयी राशि को भी भूमाफिया द्वारा वापस करना पड़ा था। लेकिन एक बार फिर उस जमीन पर उसी दबंगों द्वारा चहारदीवारी देने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि अंचल कार्यालय द्वारा निर्गत कागजात में उस जमीन को सरकारी बताया गया है। लेकिन उस पर किसी प्रकार की रोक लगाने में पदाधिकारी अपने आपको काफी असमर्थ मान रहे हैं। क्योंकि उस जमीन पर मुख्य रूप से एक राजनीतिक दल के दबंग नेता का हाथ है। हाल में शुरू हुए इस निर्माण कार्य पर फिर से अंचलाधिकारी को आवेदन दिया गया है। जिस पर अंचलाधिकारी ने उक्त व्यक्ति को अवर समाहर्ता बांका को आवेदन देने की बात कही है। जबकि प्रखंड के किसी भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के लिए सबसे बड़े पदाधिकारी सीओ माने जाते हैं। ऐसे में जहां सरकार अपनी जमीन को खाली कराने के लिए लगातार बुलडोजर चला रही है ।वही प्रखंड मुख्यालय में नाक के सामने की जमीन भूमाफिया द्वारा हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में सीओ प्रशांत शांडिल्य ने बताया कि आज आवेदन मिला है ।उसकी जांच कराई जाएगी। फिर अगर अतिक्रमण की स्थिति हुई तो उसे खाली भी जाएगा ।