बांका:चांदन-कटोरिया पक्की सड़क पर शनिवार को हुए दर्दनाक हादसे में एक मोटरसाइकिल सवार की मौत, औऱ दूसरा मौत से जूझने वाली घटना इस सड़क मार्ग पर पहली बार नही है। बल्कि हर माह इस सड़क मार्ग पर दजनो ऐसी दुर्घटना होती है जिसमे कई मौत होने के साथ कुछ को जीवन भर दिव्यांगता मिलती है। औऱ कई जख्मी हालत में इलाजरत होकर वापस आते है।लेकिन इस प्रकार की घटना क्यो होती है, इस पर किसी का ध्यान नही है। हाल ही में 14 मई को वियाही मोड़ पर कार दुर्घटना में दो बुरी तरह जख्मी,26 मई को कार और मोटरसाइकिल के बीच टक्कर में मोटरसाइकिल सवार जुगड़ी मोड़ पर जख्मी होकर आज भी इलाजरत है। वही 19 मई को उसी जुगड़ी मोड़ कर नवीन रमानी को स्कार्पियो ने धक्का मारा और उसकी मौत हो गयी। इस प्रकार की घटना हर माह होती है। खासकर कटोरिया और चांदन के बीच काफी जंगली इलाका होने के कारण कुल तेरह तीखे मोड़ हैं ,जिसके दोनों तरफ झाड़ी होने के कारण आने जाने वाले वाहन दूसरी ओर से दिखाई नहीं देते हैं। इसी कारण यह पथ इन दिनों दुर्घटना का जोन बना हुआ है। जिसमें लोगों की जान जा रही है। वन विभाग सड़क के किनारे ऊंचे ऊंचे पेड़ लगाने का काम कर रही है। लेकिन उसका इस दुर्घटना पर कभी ध्यान नहीं गया है। जो सड़क किनारे लगाए गए झाड़ी नुमा पेड़ से होती है। ज्ञात हो कि वर्ष 2008 में जब
दयाशंकर पांडेय बांका के जिलाधिकारी थे उस वक्त इसी रास्ते पर उन्हें एक दुर्घटना में एक मृत व्यक्ति पर नजर पड़ गई थी। और उसी समय उन्होंने यह आदेश जारी किया था कि कटोरिया से चांदन तक के सभी सड़क किनारे की झाड़ियां तत्काल साफ कर दिया जाए। उनके आदेश पर पहली बार सभी झाड़ियों को हटा दिया गया था। जिस कारण कुछ दिनों तक दुर्घटना पूरी तरह बंद हो गई थी। लेकिन अब एक बार फिर यह झाड़ियां बड़ी हो गई है, और किसी का भी ध्यान इस ओर नहीं है। दुर्घटना के बाद पदाधिकारी आनन-फानन में कागजी कार्यवाही तो कर लेते हैं इस दुर्घटना को रोकने के लिए सड़क के किनारे की झाइयों को हटाने पर किसी ने ध्यान नहीं दिया है। जिससे यह दुर्घटना कम होने की बजाय लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय यात्री वाहन जिसका रोज आना जाना होता है उसकी दुर्घटना कम होती है। लेकिन बाहर से आने वाले वाहन इस मोड़ और झाड़ियों से अनभिज्ञ रहने के कारण दुर्घटना का शिकार होती हैं। इसलिए प्रशासन को जंगल के तीखे मोड़ पर झाड़ियों की सफाई करने में अपनी दिलचस्पी दिखानी चाहिए। जिससे आने जाने वाली गाड़ियां तीखे मोड़ पर दूर से ही दिखाई दे और दुर्घटना को रोका जा सके। इस संबंध में स्थानीय वनपाल अशोक कुमार झा ने बताया कि वरीय पदाधिकारियों से इस प्रकार का आदेश मिलने के बाद झाड़ियों को साफ करने में कोई परेशानी नहीं है।