दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : पिछले पांच वर्षों के अंतराल में प्रखंड में इस बार सबसे अधिक मूंग की खेती हुई है। कृषि कार्यालय के आंकड़े के अनुसार 1705 हेक्टेयर भूमि यानि लक्ष्य के अनुसार 93 प्रतिशत में किसानों ने मूंग की खेती की है। जिसमें सबसे अधिक मिर्जापुर में 103 , मालडीह पंचायत में 101 , कुर्मा में 98 सहित सभी 19 पंचायतों में मूंग की अधिक खेती हुई। इस बार अधिक गर्मी के कारण फसल तो मुरझाया , वाबजूद भी बंपर पैदावार होने की उम्मीद है ।बुधवार को मानसून का आहट होते ही किसान मूंग फसल को समेटने में जूट गई है ।किसान राजाराम सिंह , कपिल प्रसाद , कुंदन कुमार , अजय यादव , राजीव दास सहित अन्य ने बताया कि खेतों में फसल पककर तैयार है ।यदि मानसून के पहले मूंग फसल नहीं तोड़ते हैं तो बर्बाद होने का भय है दूसरी समस्या यह है कि मूंग तोड़ने के लिए श्रमिकों की कमी है ।श्रमिक फसल तैयार करने के पहले आधे हिस्सेदारी की बात करते हैं। बताया कि एक तो काफी मेहनत और लागत से फसल लगाए , लेकिन जब फसल तैयारी की बारी आई तो बांकि का कसर श्रमिक निकाल रहे हैं। खेतों में फसल बर्बाद न हो जाए , इसके लिए विवश होना पड़ रहा है।प्रखंड कृषि समन्वयक राजेश रंजन ने बताया कि किसानों के सामने फसल तैयारी की समस्या तो है , लेकिन मूंग खेतों में उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए काफी कारगर है।