बांका:प्रत्येक माह के नौ तारीख को अस्पताल में प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना के नाम पर बड़ी लूट सामने आयी है। इसका खुलासा प्रखंड मुख्यालय स्थित अस्पताल में उस वक्त हुआ जब जांच कराने अस्पताल आने वाली कुछ महिलाओं को एक प्लेट में दो समोसा औऱ एक रसगुल्ला देकर विदा किया गया।जिसमें अधिकतर महिलाओं को वह भी नसीब नही हो सका। इस संबंध में नियमानुसार प्रत्येक जांच के लिए आने वाली महिला को विटामिन युक्त फल 100 रु का उपलब्ध कराना है। लेकिन लचर व्यवस्था के कारण लगातार कुछ माह तक महिलाओं को एक सेव् औऱ एक केला दिये जाने की बात बताई जाती है। जिसकी कीमत 20 रु तक ही होती है। लेकिन इस शनिवार को जब चंपारण नीति प्रतिनिधि ने इस बारे में जानकारी चाही तो उसे जो देखने को मिला वह दो फलों की जगह सिर्फ दो समोसा औऱ एक रसगुल्ला दिखाई दिया।जो बांटा जा रहा था। जिसकी भी कीमत 20 रु तक ही आंकी जा सकती है।इस प्रकार साफ जाहिर है कि प्रत्येक लाभुक महिला पर 80 रु लूट के खाते में चला जाता है।जांच के नाम पर भी सिर्फ खानापूर्ति ही होती है।इस अस्पताल में वजन,बीपी,औऱ पल्सरेट के अलावे किसी प्रकार की कोई जांच नहीं होती है। इतना ही नहीं कुछ महिलाओं ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया की नाश्ते की राशि को हड़पने के लिए चांदन अस्पताल और सुईया को मिलाकर जितनी जांच की जाती है उससे कई गुना अधिक उपस्थिति दिखाकर पैसा वसूल किया जाता है ।इसी कारण कई माह से अस्पताल का सीसीटीवी कैमरा भी बंद है। जिससे किसी को कोई चीज पता ही नहीं चले। आज की जांच में सुईया में 110 की जांच हुई जिसमें किसी को नास्ता नही दिया गया। जबकि भैरोगंज में 44 की जांच हुई जिसे सिर्फ चिकित्सक जय किशोर प्रसाद ने अपने खर्च पर प्रत्येक को पांच रुपये वाला एक पैकेट बिस्कुट दिया।जबकि चांदन में 150 की जांच हुई। इस संबंध में पूछने पर चिकित्सा प्रभारी ए के सिंहा ने बताया कि उन्हें इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है शिकायत मिलने पर निश्चित रूप से उसकी जांच की जाएगी। जबकि अस्पताल मैनेजर डां यश राज ने कहा कि सारा काम उनकी देखरेख में नियमानुसार किया जाता है। इस बार फल नहीं मिलने के कारण ही समोसा और रसगुल्ला दिया गया। लेकिन जितनी राशि मिलती है उसी अनुरूप खर्च भी कर दिया जाता है ।इसमें लूट और राशि बचाने की कोई बात नहीं है।
प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना में लूट,100 की जगह 20 का मिलता है नास्ता
byआमोद कुमार दुबे
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