दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : एक तरफ सरकार सात निश्चय योजना टू की रूपरेखा तैयार करने में जूट गई है।सच तो यह है कि इस योजना के पहले फेज की स्थिति दयनीय है। नितीश सरकार का हर घर नल जल योजना सबसे ड्रीम प्रोजेक्ट है।विभागीय तंत्रों की उदासीनता के कारण कहीं - कहीं योजना धरातल पर नहीं है। यों कहा जाए तो पंचायतीराज व्यवस्था में विकास के नाम पर सिर्फ राशि की लूट - खसोट हुई है।प्रखंड के मिर्जापुर पंचायत में योजना की स्थिति बद से बदतर है।इस पंचायत के वार्ड संख्या 15 के मजनू गांव में दो साल पूर्व योजना मद से 14.50 लाख की निकासी हो गई , लेकिन कार्य धरातल पर नहीं है।जिस कारण गांव में पेयजल के लिए हाहाकार है।शनिवार को अव्यवस्था से खिन्न ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा।सभी ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। वार्ड सदस्य शिव प्रसाद यादव के अलावे ग्रामीण सुमन कुमार , श्याम यादव , सुरेश यादव, निरंजन यादव , प्रकाश यादव , हेमा देवी , रूबी देवी , सरिता देवी , प्रभा देवी , सोनी देवी सहित अन्य ने बताया कि गांव में पेयजल की गंभीर समस्या पर वित्तीय वर्ष 2020 - 21 में हर घर नल जल योजना की शुरूआत हुई । गांव के काली स्थान के समीप बोरिंग निर्माण के साथ जलमीनार का काम शुरू हुआ। इस बीच पंचायत सचिव और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से चुपके से 14.50 लाख की निकासी कर फरार हो गया। आज दो वर्ष बीतने पर है , लेकिन योजना के प्रति जनप्रतिनिधियों से लेकर विभाग के किसी कर्मियों का ध्यान नहीं है।अब तो शिकायत करने पर जनप्रतिनिधी कुछ सुनते नहीं हैं , और विभाग को कोई मतलब नहीं है।विभाग की उदासीन रवैये के कारण करीब पांच दर्जन घरों में पेयजल के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी में दूसरे के घर में लगे समर्सेबल से पानी लाकर काम चलाते हैं , तो बरसात में चापानल का दूषित पानी पीने के लिए विवश हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि इसकी शिकायत बीडीओ से लेकर जिला पंचायती राज पदाधिकारी से की गई है।वाबजूद भी कोई फर्क नहीं पड़ा ।अविलंव यदि समस्या समाधान नहीं होती है सड़क पर उतरने के लिए विवश होंगें।इस संबंध में बीडीओ प्रभात रंजन ने बताया कि जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित कर्मियों से बात कर जल्द ही समस्या समाधान कराया जाएगा।