दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : प्रखंड क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में एमडीएम की स्थिति बद से बदतर है।कहीं चावल के आभाव में बच्चों को भोजन नहीं मिल रहा है तो कहीं पेयजल की समस्या के कारण मध्याह्न भोजन बंद है। इस क्रम में प्राथमिक विद्यालय एवं एनपीएस झखरा की बात करें तो यहां चापानल का दूषित पानी निकलने से मध्याह्न भोजन प्रभावित है। इससे दो विद्यालयों के करीब 150 बच्चों को एमडीएम का लाभ नहीं मिल रहा है। जबकि विद्यालय में चावल सहित अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध है।इतने दिनों से भोजन नहीं बनने के कारण खाद्य सामग्रियों में भी फूफूदियां लग रही है। दरअसल एक ही भवन में अलग - अलग दो विद्यालयों का संचालन होता है ।इसके लिए दो रसोईघर , दो चापानल भी हैं। प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी आरती कुमारी एवं एनपीएस के प्रभारी कृष्णानंद सिंह ने बताया कि गर्मी छूट्टी होने के एक सप्ताह पूर्व से एमडीएम बंद है। विद्यालय में चापानल तो है लेकिन दोनों से दूषित जल निकलती है ।इस पानी को मुंह में लेने की बात तो दूर हाथों में आते ही दुर्गंध आने लगती है ।कहीं बच्चे बीमार न पड़ जाए इसके लिए सजग रहते हैं।बच्चों की परेशानी है कि एक तो मध्याह्न भोजन बंद है , और दूसरा पेयजल भी नसीब नहीं हो रहा है ।बच्चे घर से बोतल में पानी भरकर लाते हैं , और प्यास बुझाते हैं।बताया कि समस्या समाधान के लिए शिक्षा विभाग से लेकर पीएचइडी विभाग को कहा गया , लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस संबंध में एमडीएम प्रभारी प्रेम कुमार ने बताया कि पेयजल की समस्या के कारण विद्यालय में एमडीएम बंद है।जिसकी रिपोर्ट जिला में दी गई है। पीएचइडी विभाग के कनीय अभियंता मिंटू कुमार ने बताया कि समस्या समाधान के लिए प्रयासरत हैं।