सरपंच के आदेश पर हुआ बाल विवाह

बांका:जब ग्राम कचहरी के सरपंच ही बाल विवाह कराने का आदेश करे तो इस नियम का भगवान ही मालिक है।प्रखंड मुख्यालय चांदन के ग्राम कचहरी के सरपंच राकेश कुमार वर्णवाल द्वारा मंगलवार को दिये गए एक आदेश की सभी जगह चर्चा हो रही है। इतना ही नही सरपंच भी अपने तर्क के साथ इस आदेश को पूरी तरह सही बता रहे है।मामले के संबंध में बताया जाता है की प्रखंड मुख्यालय के वार्ड 14 के निवासी गणेश कोड़ा का अपने ही गांव की एक 15 बर्ष की नाबालिग के साथ काफी दिनों से प्रेम चल रहा था। इसकी जानकारी परिवार वालो को होने पर लड़की के स्वजन ने इसकी शिकायत ग्राम कचहरी के सरपंच से लिखित रूप में किया। जिसमें लड़की को बहला फुसला कर गलत काम करने का आरोप लगाया गया। जिस कारण दोनों परिवार में काफी तनाव पैदा हो गया।सरपंच ने आवेदन को गंभीरता से लेते हुए दोनो पक्ष के अविभावक को बुलाकर प्रेमी,प्रेमिका से आमने सामने बात किया गया। जिसमे प्रेमिका ने बताया कि उसका अपने ही गांव के गणेश कोड़ा के साथ कई बर्षो से प्रेम संबंध है और वह अभी गर्भवती भी है। और उसके बच्चे को पिता का नाम मिलना चाहिए। दोनों पक्ष के अविभावकों और प्रेमी प्रेमिका की बातों को सुन सरपंच ने दोनों परिवार को शादी के लिए तैयार कर लिखित रूप से शादी के लिए आदेश कर दिया। और दोनों की शादी भी करा दिया गया। लेकिन सरपंच ने इस ओर जरा भी ध्यान नही दिया कि लड़की नावालिग है। औऱ सरकार द्वारा नाबालिग की शादी गैर कानूनी है। लेकिन जब सरपंच राकेश कुमार वर्णवाल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि लड़की के गर्भवती होने के वजह से उसकी उम्र देखने से अधिक महत्वपूर्ण उसकी जिंदगी बचाना जरूरी था। इसलिए दोनों परिवार की स्वीकृति के बाद मानवता के नाते दोनों को शादी की इजाजत देकर शादी करा दिया गया है।अब दोनों परिवार में कोई विवाद नही है। औऱ प्रेमी प्रेमिका पति, पत्नी बन कर खुशीपुर्वक रह रहा है।

Post a Comment

आप सभी हमें अपना कॉमेंट / संदेश भेज सकते हैं...

Previous Post Next Post