दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : बुधवार को प्रखंड बीआरसी परिसर पर दिव्यांग शिविर का आयोजन किया गया।जिसमें आंख , कान , नाक , गला सहित अन्य तरह के पीड़ित बच्चों का स्वास्थ्य जांच हुआ। वहीं शिविर में आर्थोपेडिक चिकित्सक अनुपस्थित रहने से हड्डी का जांच नहीं हो सका। जिससे दर्जनों बच्चों को शिविर से मायूस होकर घर वापस जाना पड़ गया।अस्पताल प्रबंधक संजय कुमार सिंह ने बताया कि दिव्यांग शिविर के लिए करीब 150 बच्चों का पंजियन हुआ।जिसमें 48 बच्चों को दिव्यांगता का प्रमाण पत्र दिया गया।बताया कि आर्थो विभाग के डा शौकत अंसारी एवं सर्जरी के डा पवन कुमार के अनुपस्थित होने पर कई बच्चों का जांच नहीं हो सका।जिला प्रशासन के निर्देशानुसार दिव्यांग शिविर की तिथि पहले से आहूत थी। इसके वाबजूद भी व्यवस्था नदारत थी। शिविर में पेयजल का कोई इंतजाम नहीं था।जिसके कारण उमस भरी गर्मी में बच्चों से लेकर अविभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा ।
प्रखंड में कई माह बाद दिव्यांग शिविर का आयोजन हुआ। जिसमें विभाग द्वारा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को कोई जानकारी नहीं दी गई।इससे प्रखंड प्रमुख सुमन कुमार सुमन सहित अन्य ने नाराजगी व्यक्त की है। बताया कि यदि पहले से जानकारी होती तो दूर - दराज के लोगों को भी लाभ मिलता।इससे क्षेत्र के अधिकांश बच्चे सरकार के इस योजना से वंचित रह गए। बताया कि प्रखंड प्रशासन को कम से कम माइकिंग अथवा मीडिया तंत्रो के माध्यम से जानकारी देनी चाहिए।इसके पहले शिविर का उदघाटन बीडीओ प्रभात रंजन , बीइओ आमोद कुमार ,अस्पताल प्रभारी डा अजय शर्मा ने फीता काटकर किया।मौके पर डा धर्मवीर भारती , अजीत कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।