बांका:1982 से लगातार डाक कांवरिया के रूप में प्रचलित मुजफ्फरपुर की कृष्णा बम सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बाबाधाम के लिए गुजरीं।उनके दर्शन के लिए कांवरिया पथ पर दर्शकों की भारी भीड़ थी।चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए होड़ मची हुई थी।लेकिन पुलिस की चौतरफा व्यवस्था के आगे किसी की नहीं चली।महिला एवं पुलिस जवानों ने उन्हें घेरे में ले लिया था।दो महिला जवान उन्हें कंधे के सहारे ले जा रही थी।जबकि आधा दर्जन महिला पुलिस जवान उनके इर्दगिर्द थे।मुंगेर जिला सीमा तक तारापुर डीएसपी खुद साथ आए।इसके बाद अस्थाई थानाध्यक्ष धौरी के बुद्धदेव पासवान, एएसआइ मृत्युंजय सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल ली।शिवलोक के बाद थानाध्यक्ष विनोद कुमार और जिलेबिया मोड़ से डी एस पी सुशील कुमार, एसआइ विष्णुदेव कुमार, जिलेबिया पहाड़ पर एसएसबी बेलहर के सहायक कमांडेंट अंजन सरकार एवं जवानों ने उनकी सुरक्षा की कमान संभाली।इसके बाद बांका जिले में प्रवेश करते ही बेलहर एसडीपीओ प्रेमचंद सिंह के नेतृत्व में सुईया थानाध्यक्ष मनीष कुमार, कटोरिया, चांदन थानाध्यक्ष के अलावे जिला नियंत्रण कक्ष अबरखा के पुलिस अधिकारी एवं जवान सुरक्षा व्यवस्था में लगे रहे।हालांकि उम्र अधिक होने कारण उनकी यात्रा काफी सरल नहीं थी।लेकिन बुलंद हौसलों के कारण वे बाबाधाम की ओर बढ़ रहे थे। बताया जाता है कि गंगाधाम से जल लेकर यात्रा शुरू करने के कुछ ही देर बाद उनकी तबियत बिगड़ गयी। बाद में तेल मालिस और दवा देकर उन्हें चंगा किया गया। और उनकी यात्रा जारी रही।ज्ञात हो कि पेशे से शिक्षिका रहीं कृष्णा बम भोलेनाथ के बड़े साधक हैं।जो महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी हैं।जिस समय एक भी महिला श्रद्धालु डाक बम नहीं जाते थे।उस समय वे प्रत्येक रविवार को मार्ग से गुजरकर सोमवार को जल अर्पण करते थे।उनके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में कांवरिया श्रद्धालु भी इंतजार करते हैं।इस बार रविवार छोड़ सोमवार को मार्ग से गुजरने का फैसला लिया।रविवार को बड़ी संख्या में उनके दर्शक बगैर दर्शन किए बैरंग लौट गए थे।सोमवार को आने की सूचना मिलते ही भीड़ उमड़ पड़ी। और सभी जगह 70 बर्ष की उम्र में इस उत्साह औऱ हिम्मत को देखने पूरे रास्ते पर लोगो का तांता लगा रहा।
कांवरिया पथ में माता के नाम से प्रसिद्व कृष्णा बम ने मंगलवार को किया जलार्पण
byआमोद कुमार दुबे
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