दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : थाना क्षेत्र के छत्रहार गांव के समीप बदुआ नदी के एक गड्डे में डूबने से एक युवक की मौत हो गई।मृतक युवक की पहचान छत्रहार के जलधर यादव का 30 वर्षीय पुत्र विकाश यादव के रूप में हुई है। जलधर यादव किसान है।विकास यादव भी खेती - किसानी के अलावे पशुपालन कर जीविका चलाने का काम करता था।बुधवार को विकाश यादव मवेशी चराने के लिए गांव के पश्चिम बदुआ नदी की ओर गया। जहां बदुआ नदी में पानी से भरा एक गड्डे में विकाश का मवेशी बैठ गई। कुछ देर बाद विकाश पानी में बैठी भैंस को निकालने चला गया। फिर क्या विकाश का पैर फिसला और गहरी खाई में चला गया। यह देख अन्य चरवाहों ने शोर मचाना शुरू किया। आवाज सुन ग्रामीण भी दौड़कर पहुंचे। करीब आधे घंटे बाद विकाश को गहरी खाई से बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक मौत हो गई थी। घटना की खबर मिलते ही स्वजनों में कोहराम मच गया।गांव में भी मातमी सन्नाटा पसर गया। घटना के बाद मां शकुंतला देवी , पत्नी फूलन देवी सहित अन्य स्वजनों के मुंह से सिर्फ एक आवाज निकल रहा था कि बालू तस्करों के कारनामें के कारण विकाश की मौत हो गई। दरअसल छत्रहार पुल के समीप बदुआ नदी से बालू तस्करों द्वारा अंधाधूंध बालू उठाव किया गया। जिस कारण नदी तल काफी गहरा होते चला गया। गड्डे में पानी भरने के कारण विकाश को गड्डे की गहराई का अनुमान नहीं लग सका।
दो भाईयों में सबसे छोटा था विकाश - जलधर यादव के दो पुत्रों में सबसे बड़ा पुत्र मुरारी और छोटा विकाश यादव था ।विकाश की शादी आठ वर्ष पहले हुई थी। जिसमें दो पुत्र निलेश , आकाश और एक पुत्री सोनाली कुमारी है।पत्नी फूलन देवी बार - बार यह कहकर अचेत हो रही थी कि अब छोटे - छोटे बच्चों का कौन सहारा होगा। किसी ग्रामीणों ने घटना की सूचना थाना को दिया ।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया है ।पीड़ित स्वजनों ने आपदा प्रबंधन के तहत मिलने वाली क्षतिपूर्त् की मांग सीओ से की है।सीओ अशोक कुमार सिंह ने इसकी जानकारी जिला आपदा में देने की बात कही है।बदुआ नदी के गड्डे में डूबने से मौत की यह कोई पहली घटना नहीं है , बल्कि कई घटनाएं हो चुकी है। इसके दो वर्ष पूर्व छत्रहार पंचायत में ही दो बच्चियों की मौत एक साथ हो गई थी।