कटोरिया एवं चंदन
के गोदाम से,हर माह कहां जाता है लाखों का अनाज
कटोरिया से अरविंद प्रसाद सिंह का रिपोर्ट
कटोरिया( बांका ) कटोरिया गोदाम से हर माह लाखो का चावल और गेहूं आखिर कहां गायब हो जाता है। और इस आज तक बार बार शिकायत के बाबजूद कोई छानबीन क्यो नही होता है। जबकि इसका सीधा खामियाजा पीडीएस दुकानदार को सहना पड़ता है। राशन कार्ड धारी उपभोक्ताओं को मात्रा से कम राशन दिए जाने की शिकायत इन दिनों लगातार मिल रही है। जिसके लिए पदाधिकारियों द्वारा पीडीएस दुकानदार को बलि का बकरा बनाया जाता है।लेकिन इसकी सच्चाई पर किसी ने ध्यान नही दिया है। आम लाभुक जिसका जिम्मेदार लोग सीधे डीलर को मानते हैं। मगर इसके पीछे हकीकत कुछ और है। एसएफसी गोदाम से ट्रांसपोर्टर द्वारा होम स्टेप डिलीवरी देने के दौरान प्रत्येक बोरे में दो से आठ किलो तक अनाज कम दिया जाता है। इतना ही नहीं एजीएम दावे के साथ डीलरों से प्रत्येक बोरे पर एक किलो अनाज कम देने की बात करता है। इसका विरोध करने वाले डीलरों को फटा बोरा कम राशन दिए जाने की शिकायत आम है। ऐसे में डीलर सही मात्रा में उपभोक्ताओं को राशन दे तो दे कैसे इस पर कभी ध्यान नही दिया गया। कई डीलरो ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि हर माह प्रत्येक बोरे में दो किलो से लेकर आठ किलो वजन कटौती किया गया। खाद्यान्न कालाबाजारी को लेकर कटोरिया एवं चांदन पहले से ही चर्चा में हैं। जिसमें अधिकारी से लेकर कई सफेदपोश की इस गोरखधंधे में चांदी कट रही है। सिर्फ जुलाई महीने की बात करें तो ओनलाइन रिपोर्ट के अनुसार चांदन प्रखंड में गेहूं 151086 किलो एवं 613820 किलो चावल उपलब्ध कराया गया है। जबकि कटोरिया प्रखंड में गेहूं 167103 किलो एवं 670128 किलो राशन उपलब्ध कराया गया है। ऐसे में सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि प्रत्येक 50 किलो के बोरे में दो किलो से लेकर आठ
