पेयजल की समस्या से जूझ रहे सिमानामढ़ी के ग्रामीणों का फूटा आक्रोश , प्रखंड मुख्यालय पहुंच विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन

दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट

शंभुगंज (बांका) : प्रखंड क्षेत्र में हर घर नल जल योजना की स्थिति ठीक नहीं है। प्रखंड मुख्यालय से महज दो किलोमीटर की दुरी पर बसा सिमानामढ़ी गांव प्रारंभिक काल से पेयजल की गंभीर समस्या से जूझ रहा है ।नल जल योजना का कोई झलक तक नहीं है।सावन मास में मौसम की बेरूखी से जल स्तर काफी नीचे जाने के कारण ग्रामीणों को पीने का पानी भी नसीब नहीं हो रहा है ।शिकायत के बाद भी विभाग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा ।जिस कारण शनिवार को ग्रामीणों का धैर्य आक्रोश में बदल गया ।गांव के करीब पांच दर्जन से भी अधिक पुरूष - महिलाएं गोलबंद होकर प्रखंड मुख्यालय पहुंच गए। जहां कार्यालय में बीडीओ को न देख लोगों का गुस्सा और भड़क गया।अव्यवस्था के खिलाफ ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन किया। यह देख प्रखंड के कर्मी सहम गए और कमरे के अंदर दुबक गए। बाद में प्रखंड आए कुछ बुद्धिजीवियों के समझाने पर मामला शांत हुआ। प्रदर्शन कर रहे मंजू देवी , सीता देवी , कंचन देवी , पुष्पा देवी , सरिता देवी , रूबी देवी , नेपाली शर्मा , गोपाल तांती , लूटो तांती सहित अन्य ने बताया कि बिरनौधा पंचायत के वार्ड संख्या नौ में करीब सौ घरों में शुरू से पेयजल की कोई सुविधा नहीं है। इस पर विभाग कुछ सुनते नहीं हैं और जनप्रतिनिधियों को कोई मतलब नहीं है।वर्तमान में स्थिति है कि सावन मास में बर्षा का कोई ठिकाना नहीं है ।क्षेत्र के किसान पंपिग सेट अथवा समर्सेवल द्वारा धान की खेती कर रहे हैं। ऐसे में भूतल का स्तर पताल चला गया ।जिस कारण कूंआ सूख गई , और चापानल जबाब दे गया है। पानी पीने के लिए गांव से एक किलोमीटर दूर करसोप से लाना पड़ रहा है। करसोप में भी पानी लेने में लोगों से रोज बकझक होता है ।जब पीने के लिए पानी नहीं मिलेगा तो ऐसी जिंदगी जीने का कोई मतलब नहीं ।आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि यदि अविलंव समस्या समाधान नहीं होता है तो सड़क पर उतरने के लिए विवश होंगे। इस संबंध में बीडीओ प्रभात रंजन ने बताया कि उक्त गांव में मिनी जलमीनार अथवा प्याउं की व्यवस्था जल्द की जाएगी।इसके लिए प्रयासरत हैं।

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