पंकज सिंह की रिपोर्ट
संग्रामपुर (मुंगेर) संग्रामपुर प्रखंड में धान की रोपाई काफी कम हो पाई है |यह प्रखंड 10 पंचायतों का जिसमें की कुछ भाग पहाड़ी क्षेत्र में पड़ता है उस भाग में खेती पूर्णरूपेण वर्षा पर ही निर्भर करता है बाकी भाग में नहर एवं वर्षा होने से खेती होती है |नहर का पानी तो कुछ ही किसान को लाभ पहुंचा पाया है | शेष किसान नहर के पानी का इंतजार कर रहे जिससे कि किसानों में काफी मायूसी एवं आक्रोश है | किसानों का मानना है कि अश्रेष्ठ नक्षत्र धान की खेती के लिए मध्य माना जाता है जोकि मात्र कुछ दिन शेष रह गया है | अधिकांश जगह धान का बिचड़ा मर चुका है वही कुछ किसानों ने डीजल पंप सेट चलाकर धान की रोपाई किया है, लेकिन वह भी अब पानी के बिना मरने के कगार पर पहुंच चुका है अधिकांश खेतों में दरारें फट चुका है | बडोनिया पंचायत के पूर्व मुखिया राजन सिंह ने बताया कि एक तो हम किसान भाइयों को कोराना ने काफी दिन तक परेशान किया जिससे कि आर्थिक मार झेलना पड़ा वहीं दूसरी ओर बारिश नहीं होने से खेती पर काफी बुरा असर पढ़ रहा है | हम किसानों ने डीजल पंप सेट चलाकर धान की रोपाई किया लेकिन अब उन खेतों में भी दरारें पड़ गई है वही राणाडीह के प्रगतिशील किसान अरविंद शर्मा ने बताया कि हमारे गांव के अधिकांश किसानों का धान का बिचड़ा पानी बिना मर चुका है पहले हम सब किसान भाइयों ने नदी से पटवन कर खेती किया करते थे लेकिन अब नदी का बालू निकाल लेने से नदी का वेट काफी गहरा हो चुका है जिसके कारण खेतों तक नहीं पहुंच पाता है |