दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : दो जिले को जोड़ने वाली खेसर - तारापुर जिलानी सड़क दो बर्षों में जर्जर हो गई।सड़क पर जगह - जगह बने गड्डा किसी हादसे को आमंत्रित कर रही है।हल्की बर्षा होते ही सड़क का गड्डा तालाब में तब्दिल हो जाती है।जिस कारण रोज बाइक चालक घटना के शिकार हो रहे हैं।30 सितंबर 2020 को सड़क निर्माण कार्य हुई पूर्ण - ग्रामीण कार्य विकास विभाग के तहत करीब 1.30 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण कार्य कराने की जिम्मेवारी संवेदक अरविंद सिंह को दी गई। करीब 18 किलोमीटर लंवी इस सड़क का निर्माण दो फेज में पूरा हुआ।प्रथम फेज में खेसर से गुलनी कुशाहा नहर मोड़ तक हुआ ।फिर दो वर्षों के बाद तीन किलोमीटर नहरमोड़ से छत्रहार बदुआ नदी के पुल तक बना।सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी से एक वर्षों में दरकना शुरू हो गया।आज सड़क बने दो बर्ष भी नहीं हुआ कि जर्जर हो गई।जिलानी सड़क से दर्जनों गांव के लोग हो रहे प्रभावित - खेसर से तारापुर तक जोड़ने वाली जिलानी सड़क बांका - असरगंज के बाद दूसरा सबसे व्यस्ततम सड़क है।खासकर छत्रहार , मालडा , टीना , गुलनी - कुशाहा , मझगाय , भलुआ इत्यादि के दर्जनों गांवों का सीधा सम्पर्क है।हाट - बाजार हो अथवा अस्पताल आना हो , ग्रामीण तारापुर आते हैं। सड़क जर्जन होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।सड़क मरम्मत नहीं हुआ तो होगा आंदोलन - सड़क की जर्जर हालत पर भले विभाग पर कोई असर नहीं पड़ रहे हों , लेकिन विभाग के खिलाफ आमलोगों का आक्रोश बढ़ रहा है।ग्रामीणों ने बताया कि यदि अविलंव सड़क मरम्मत नहीं हुआ तो आंदोलन तेज होगा। विभाग के कनीय अभियंता सुमीत कुमार ने बताया कि बर्षा का मौसम निकलते ही सड़क मरम्मत का काम होगा।
