दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : प्रखंड क्षेत्र के कसबा गांव के प्राचीन दुर्गा मंदिर में बोधन कलश स्थापित करने के साथ ही 15 दिवसीय दुर्गा सप्तशती पाठ का शुभारंभ हो गया। इससे पहले सोमवार की सुबह गांव के समीप बाबू साहब तालाब से नेम - निष्ठा के साथ कलश में जल भरने का काम किया।फिर पंडित और आचार्य के साथ गांव के दर्जनों लोग माता का जयकारा लगाते हुए मंदिर पहुंचे। जहां बंग्ला - रीति रिवाज के साथ कलश स्थापित की गई ।कलशयात्रा के दौरान वर्षों से कौड़ी लूटाने की परंपरा चलते आ रही है।मेढ़पति सदस्य सहित अन्य बुजुर्गों का मानना है कि कौड़ी लूटाना काफी शुभ होता है।इससे मां दुर्गा प्रसन्न होती है।जिससे गांव में सुख - शांति कायम रहती है। पंडित अंबुज सरखेल , आचार्य पितांबर झा के अलावे ग्रामीण निलेश झा , मृत्युंजय झा सहित अन्य ने बताया कि जीउतीया पर्व के सुबह बोध नवमी तिथि को शुभ मान कलश स्थापित की जाती है।लगातार 15 दिनों तक दुर्गा सप्तशती पाठ होती है।शारदीय नवरात्र के दसवीं को पुर्णाहुति की जाती है।मेढ़पति राड़ी कायस्थ के विनय दास , अमरजीत दास सहित अन्य ने बताया कि मंदिर का इतिहास काफी पौराणिक है।पश्चिम बंगाल के दालपोलसा जिले के हरभल्लव दास इसके संस्थापक है ।जिस कारण सभी पूजा - विधि बंग्ला रीति रिवाज से होती है।पूजा शुरू होते ही गांव में उत्सवी माहौल है।
