दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : पिछले कई वर्षों से सरकारी उदासीनता का दंश झेल रहे बग्घा के ग्रामीणों ने एकजूटता दिखाते हुए बदुआ नदी पर श्रमदान से आवागमन का रास्ता तैयार करने में जूट गई है ।पिछले तीन दिनों से लगातार परिश्रम कर बदुआ नदी पर करीब 300 फीट लंवी रास्ता तैयार कर लिया।इससे न सिर्फ बांका जिले बल्कि मुंगेर जिले के करीब एक दर्जन गांव के लोगों को लाभ मिलेगा। ग्रामीण डा शंकर यादव , पप्पू यादव , जवाहर यादव , कारेलाल माझी , पलटू माझी , सुमित मंडल , नित्यानंद मंडल सहित अन्य ने बताया कि इससे पहले बांस का चचरी पुल के सहारे नदी पार करने का काम करते थे , लेकिन हरेक बार नदी का पानी चचरी पुल को बहा ले जाते थे।इस बार करीब एक दर्जन ह्यूम पाइप के सहारे दो जिले को जोड़ने का काम किया है। बताया कि इस बार आवागमन के लिए रास्ता तैयार करने में करीब एक लाख रूपये की लागत है ।यह राशि सभी ग्रामीणों के सहयोग से ही संभव हो सका। बताया कि इस रास्ते से बग्घा हरिजन टोला , चंद्रपुर बग्घा , योगी बग्घा , भलुआ , बिहार भलुआ सहित दो दर्जन ग्रामवासियों के अलावे मुंगेर जिले के मनिया हरिजन टोला , थेवाय , राणाडीह , कहुआ इत्यादि अन्य ग्रामीणों का सीधा संपर्क दोनों जिले से होगा ।ग्रामीणों ने विवशता बताया कि गांव से सीएचसी की दूरी करीब 10 किलोमीटर से भी अधिक है।गर्भवती महिला का प्रसव पीड़ा हो अथवा किसी तरह की आपदा की समस्या हो तो सीएचसी ले जाने में जान जोखिम की समस्या है , लेकिन यह रास्ता तैयार होने से अस्पताल की दूरी मात्र दो से तीन किलोमीटर हो जाती है। इसके अलावे गांव से उच्च विद्यालय की दूरी अधिक होने के कारण छात्र - छात्राओं को भी काफी परेशानी होती है , लेकिन इधर नदी पार करते ही मात्र एक किलोमीटर पर विद्यालय है। इसके अलावे छोटी - मोटी व्यापार करने के लिए भी ग्रामीणों के लिए रास्ता काफी कारगर है।पुल निर्माण के लिए ग्रामीण कार्यमंत्री से थी उम्मीद , नहीं हुआ पूर्ण - ग्रामीणों ने बताया कि नदी पर पुल निर्माण कराने के लिए कई बार स्थानीय विधायक से लेकर सांसद से कहा , लेकिन कोई असर नहीं हुआ। बताया कि पहली बार विधायक से ग्रामीण कार्य मंत्री जयंत राज का आश्वासन सिर्फ हवा - हवाई रह गया।अब तो लघुजल संसाधन मंत्री से ग्रामीण पुल निर्माण करने की उम्मीद लगा रहे हैं ।
