दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : पूर्व से खराब प्रबंधन की सुर्खिया बटोर रही सीएचसी में एक बार फिर से कुव्यवस्था की पोल खुल गई है।अस्पताल के उत्तरी छोर पर पुराने भवन के पीछे सैकड़ो ओआरएस के पैकेट और कई जीवन रक्षक दवाईयां फेंका गया। इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर इसकी वीडियो वायरल हो रही है।स्थानीय लोगों में भी अस्पताल में कुव्यवस्था की चर्चा हो रही है। जबकि अस्पताल परिसर के दक्षिण एक्सपायरी दवा , सर्जिकल इत्यादि वेस्ट सामग्री के लिए अतिरिक्त दो कमरा है। जिसमें सिर्फ कूड़े का डंप होता है।फिर डंप कूड़े को गाड़ी से एक निश्चित ठिकाने पर पहुंचाया जाता है।इसके विपरीत ओआरएस पैकेट और दवाईयां यत्र - तत्र फेंकी जाती है।भले अस्पताल के चिकित्सकों एवं कर्मियों के लिए ओआरएस घोल और दवाईयों की कोई कीमत नहीं है , लेकिन बाजार में इसकी कीमत हजारों में है।
पिछले वर्ष भी अस्पताल परिसर में जीवन रक्षक दवाईयां फेके जाने का आया था मामला - पिछले वर्ष अगस्त माह में एलवेंडाजोल , फूलकोनाजोल सहित अन्य एन्टीवैटिक की सैकड़ों दवायां फेंकी मिली। स्थानीय लोगों ने जब अस्पताल की अव्यवस्था देखा तो हो हंगामा शुरू कर दिया।स्थिति को भांपते हुए आनन - फानन में सभी दवाइयों को जमींदोज करने का काम किया ।
इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक संजय कुमार ने अनभिज्ञता व्यक्त की है।अस्पताल प्रभारी डा अजय शर्मा ने मामले की जांच करने की बात कही है।
