दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका): प्रखंड बीआरसी के पीछे गुजर रही नाला के उपर घनी झाड़ियों में विषैले जीव - जंतुओं का बसेरा किसी खतरे से कम नही है। खासकर कस्तूरबा विद्यालय की दर्जनों छात्राएं रोजाना इस खतरे को पार कर मध्य विद्यालय आवाजाही करती है। दरअसल कस्तूरबा विद्यालय जाने के लिए पहले प्रखंड मुख्यालय के बीच से रास्ता था । मुख्यालय का घेराबंदी होने के कारण कस्तूरबा का रास्ता बीआरसी के पीछे सरकारी नाला के समीप बनाया गया । नाले की सफाई नहीं होने से चारो तरफ घनी झाड़ियां उग गई है। कस्तूरबा के रास्ते पर करीब 25 फीट तक झाड़ी इस तरह घनी है कि सड़क पर चलने में भी लोगों में भय समा जाता है। कस्तूरबा के लेखापाल रमेश कुमार सहित अन्य स्थानीय लोगों ने बताया कि बीआरसी के पीछे कई बार विषैले सर्पों को भी देखा गया । छात्रा सुनीता , रजनी . सरिता , प्रिया , रुबी सहित अन्य ने बताया कि जब भी बीआरसी के समीप आते है । मन में भय समा जाता है। लेखापाल ने बताया कि खतरे को देख कई बार निजी खर्च कर झुरमुट की सफाई भी कराए , लेकिन कुछ माह बाद फिर से घना हो जाता है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क किया , लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई । लेखापाल ने प्रमुख एवं बीडीओ से समस्या समाधान कराने की मांग की है। ज्ञात हो कि प्रखंड में सर्पदंश से अब तक दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। एक दिन पूर्व बुधवार को सीएचसी में सर्पदंश से एक बालक की मौत हो गई |
