दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : आखिरकार शंभुगंज बाजार को कब मिलेगी सड़क जाम से मुक्ति ? यह सवाल क्षेत्रवासियों के मन में पिछले एक दशक से घूम रहा है। बाजार में जाम की समस्या दिन - प्रतिदिन जटिल होते जा रहा है। खासकर जब से मुंगेर का श्रीकृष्ण सेतु का उदघाटन हुआ ।इस कारण सड़को पर भारी वाहनों का दबाब बढ़ गया। जिस कारण रोजाना जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है।आदर्श मध्य विद्यालय से लेकर झखरा नहर मोड़ तक करीब आधे किलोमीटर तक दो और चार पहिए वाहन घंटो देर तक रेंगते रहते हैं । लोगों को दो मिनट की दूरी तय करने में एक घंटे लग जाता है । जाम हटाने के लिए पुलिस को भी पसीने बहाने पड़ते हैं ।जाम का क्या है कारण - एक तो बाजार में सड़क पर स्थानीय दुकानदारों का अतिक्रमण है । इसके ऊपर सड़क पर चदरे का सेड लटका दिया गया है। इसके आगे रोजाना फूटकर दुकानदार सब्जी और गोलगप्पे का ठेला लगाने का काम करते हैं।यहां तक कि सड़क किनारे मटन , चिकन और मछली बाजार भी लगती है ।बांकि का काम भारी वाहनों का दबाव कर देता है । दरअसल बाजार में पीडब्लूडी सड़क के दोनों छोर कुछ दुकानदारों का कब्जा है । एक तो सड़क किनारे दुकान और दूसरी ओर उसके आगे सब्जी , ठेले इत्यादि इत्यादि अन्य फुटकर दुकानदारों का कब्जा के कारण आमलोगों के लिए परेशानी का कारण है । श्रीकृष्ण सेतू चालू होने के बाद हरेक 15 मिनट के अंतराल पर भारी वाहनों का आवाजाही होता है । जिससे जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है ।क्या कहते हैं स्थानीय - जनजागरण अभियान समिति के संयोजक रामजी यादव , विभुति प्रसाद सिंह , रूपेश कुमार , सहित अन्य ने बताया कि यदि सब्जी और मीट मछली बाजार को सड़क किनारे से कहीं दूर शिफ्ट किया जाए तो कहीं हद तक समस्या समाधान हो सकता है। बताया कि समस्या समाधान के लिए कई मरतबे सीओ के यहां लिखित आवेदन दिया ,सरकार जब तक सड़क किनारे से अतिक्रमण नहीं हटाती है तो जाम से कभी मुक्ति नहीं मिलेगा। एक तो दुकानदारों का अतिक्रमण और दूसरा बस पड़ाव का नहीं रहने के कारण तीन और चार पहिए वाहनों की कतार सड़क पर रहती है।सरकार को अतिक्रमण के साथ - साथ बस पड़ाव की भी समुचित व्यवस्था करने की जरूरत है। सीओ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि इस दिशा में प्रयासरत हैं। जल्द ही सड़क को अतिक्रमण से मुक्त किया जाएगा।
