बांका:नहाय खाय के साथ छठ पर्व शुक्रवार को शुरू हो गया है।शनिवार को खरना,रविवार को डूबते सूर्य को अर्घ और सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ देने के साथ इस पर्व का समापन हो जाएगा। छठ पर्व मुख्य रूप से साफ सफाई शुद्वता का पर्व माना जाता है।इसलिए इस पर्व पर पूर्व से चल रही कुछ नियम का पालन आज भी हो रहा है। जिसमे भगवान को चढ़ाने वाला ढेकुआ औऱ पुआ के लिए चावल औऱ गेंहू को ओखली में तैयार किया जाता है। वही सुप और दौरा कच्चे बांस का ही इस पर्व में लगाया जाता है। क्योंकि बांस को शुद्वता का प्रतीक माना जाता है। फलों में पानी फल सिंघाड़ा और ईख का काफी महत्व है। जो पूर्वजो से चला आ रहा है।इस पर्व पर लोग छठ मईया को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के फलों को भी अर्पित करते हैं। इन फलों में से गन्ने का महत्व सबसे अधिक होता है।
छठ पूजा पर फलों का खास महत्व होता है। भक्त अपनी मनोकामना को पूर्ण करने के लिए नारियल चढ़ाते हैं। इसके अलावा केले, नींबू, सिंघाड़ा, सुपारी चढ़ाने का भी विशेष महत्व होता है।माना जाता है कि इस दिन भगवान सूर्य की पूजा और छठ मईया की पूजा करने से विभिन्न प्रकार के रोग दूर हो जाते हैं और परिवार के सदस्यों को लम्बी आयु प्रदान होती है।चार दिनों तक मनाये जाने वाले इस पर्व के दौरान शरीर और मन को पूरी तरह से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।छठ पर्व में व्रत करने से स्वस्थ, सुखी और समृद्ध जीवन की प्राप्ति भी होती है। छठ पर्व पर व्रत करना कई रूप में फलदायी माना जाता है और इन सभी फलों के अलावा भी कई सारे फलों को चढ़ाने का महत्व होता है।
छठ पूजा पर सबसे महत्वपूर्ण फल गन्ने को माना जाता है और कई जगहों पर छठ पूजा के दिन शाम में आंगन में कई सारे गन्ने को एक साथ रखकर छठ मईया की पूजा की जाती है। इन सभी गन्नों को घर के रूप की आकृति में सजाया जाता है और फिर पूजा की जाती है। इस तरह पूजा करने से छठ मईया प्रसन्न होती हैं और परिवार में सुख- समृद्धि भी आती है। इस पर्व पर कुछ घरो में खीर भी बनाते हैं जो गन्ने के रस से बनी हुई होती है। गन्ने को सेहत के लिए बहुत लाभदायक भी माना जाता है। इस वजह से इसका महत्व और अधिक होता है। लोक कथाओं के अनुसार गन्ने का इस्तेमाल इसलिए पूजा में होता है क्योंकि गन्ने पर कोई भी पक्षी और पशु नहीं बैठता है इसलिए इसे शुद्ध माना जाता है।
छठ पूजा पर सबसे महत्वपूर्ण फल गन्ने को माना जाता है और कई जगहों पर छठ पूजा के दिन शाम में आंगन में कई सारे गन्ने को एक साथ रखकर छठ मईया की पूजा की जाती है। इन सभी गन्नों को घर के रूप की आकृति में सजाया जाता है और फिर पूजा की जाती है। इस तरह पूजा करने से छठ मईया प्रसन्न होती हैं और परिवार में सुख- समृद्धि भी आती है। इस पर्व पर कुछ घरो में खीर भी बनाते हैं जो गन्ने के रस से बनी हुई होती है। गन्ने को सेहत के लिए बहुत लाभदायक भी माना जाता है। इस वजह से इसका महत्व और अधिक होता है। लोक कथाओं के अनुसार गन्ने का इस्तेमाल इसलिए पूजा में होता है क्योंकि गन्ने पर कोई भी पक्षी और पशु नहीं बैठता है इसलिए इसे शुद्ध माना जाता है।
