प्रखंड के किसानों को रास नहीं आ रहा नैनो यूरिया

दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट


शंभुगंज (बांका) : प्रखंड में रबी फसलों में पटवन का काम शुरू है ।जिसमें यूरिया खाद के लिए किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रखंड के बिस्कोमान भवन भवन में यूरिया खाद उपलब्ध है , लेकिन इसमें इफ्को फर्टीलाइजर द्वारा एक लीटर का नैनो लिक्विड लेने की बाध्यता है। क्षेत्र के अधिकांश किसान नैनो लिक्विड खरीदने से परहेज कर रहे हैं। बाजार में कुछ दुकानदार यूरिया 300 - 350 रूपये प्रति बोरी बिक्री कर रहे हैं।प्रखंड कृषि कार्यालय के अनुसार इस बार गेंहू का लक्ष्य 3726 हेक्टेयर है ।इसके अलावे चना - 495 , मसूर - 324 , मक्का - 434 हेक्टेयर में लगाने का लक्ष्य है। जिसमें तीन तिहाई भूमि पर रबी फसलों का अच्छादन हो चुका है ।इस बार सुखाड़ होने के कारण किसानों ने समय के पहले रबी फसलों की बोआई कर दी है।जिस कारण फसल पटवन का काम भी तेजी से हो रहा है। शुक्रवार को यूरिया खाद लेने बिस्कोमान पहुंचे मु ताहिर , मनोज कुमार , लक्ष्मण कुमार , सुदीन मंडल , अजय यादव सहित अन्य किसानों ने बताया कि एक तो लेट से बिस्कोमान में यूरिया खाद आया।अब स्थिति है कि एक बोरी यूरिया पर एक लीटर नैनो लिक्विड लेने पर प्रबंधक विवश कर रहे हैं ।बताया कि यूरिया खाद की कीमत 265 रूपये एवं नैनो लिक्विड 240 रूपये प्रति लीटर है ।यानि एक बोरी यूरिया की कीमत किसानों को 500 से भी अधिक पड़ रहा है। बताया कि नैनो लिक्विड एक तो कारगर नहीं है , और दूसरा छिड़काव करने में काफी परेशानी है ।इस बात को लेकर कई किसानों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। बताया कि धान उपज नहीं होने से एक तो किसान पहले से आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।उपर से कृषि विभाग और आर्थिक शोषण करने में जूट गई है।इस संबंध में बिस्कोमान प्रबंधक प्रवीण कुमार ने बताया कि इफ्को फर्टीवाइजर से निर्देश है कि एक बोरी यूरिया पर एक लीटर नैनो लिक्विड लेना अनिवार्य है।प्रखंड कृषि पदाधिकारी चितरंजन चौधरी ने बताया कि नैनो तरल भी खेती - किसानी के लिए बेहतर है ।इससे न सिर्फ फसलों में उत्पादन क्षमता बढ़ाती है , बल्कि खेतों को भी मजबूत करती है ।


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