बांका:शंभुगज के एक शिक्षक को छेड़छाड़ के एक मामले में निलंबित कर दिया है। लेकिन अमरपुर के शिक्षक राजीव कुमार पर भी दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद उसे उसकी पहुंच के कारण सिर्फ चांदन प्रखंड के नव सृजित उच्च विद्यालय असुठा का प्राचार्य बना कर भेज दिया गया। इस शिक्षक के कारनामे की जानकारी आम ग्रामीणों को होते ही लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इतना ही नहीं इस शिक्षक को हटाने के लिए जिला के सभी वरीय पदाधिकारियों को अलग-अलग आवेदन देने के साथ अपने विधायक मनोज यादव को भी इस विद्यालय से प्रधानाध्यापक राजीव कुमार को हटाने की मांग किया। ग्रामीणों की उसी मांग पर विधायक मनोज यादव द्वारा जिला की बैठक में भी इस बात पर चर्चा की गई, और उन्हें आश्वासन भी दिया गया था कि शिक्षक पर कार्यवाही भी होगी। लेकिन उस पर कोई कार्यवाई तो नहीं हुआ, जिससे लोगों का आक्रोश धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। इतना ही नहीं उक्त शिक्षक द्वारा विद्यालय के ऊपरी भवन पर स्कूल के कमरे में ही अपने आवास बना लिया गया है। जिसका भी स्थानीय स्तर पर विरोध किया जा रहा है। किसी भी सरकारी विद्यालय में शिक्षक का आवास रहने का कोई औचित्य ही नहीं है। इसकी कई बार शिकायत के बाद खुद बीईओ सुरेश ठाकुर स्कूल निरीक्षण में गये औऱ ग्रामीणों के आरोप को सही पाया। और खुद अपने शिक्षक राजीव कुमार को स्कूल से अपना आवास अविलम्ब हटाने का आदेश भी दे दिया। लेकिन उस शिक्षक ने अपने बीईओ के आदेश की अवहेलना करते हुए विद्यालय से अपना आवास शनिवार तक नही हटाया है।इस संबध में इस प्रतिनिधि ने विद्यालय पहुंच कर पाया कि स्कूल के ऊपरी मंजिल पर शिक्षक का आवास बरकरार था। लेकिन प्रचार्य वहां उपस्थित नही था। औऱ आवास ने ताला लगा हुआ था। इस संबंध में पूछने पर बीईओ सुरेश ठाकुर ने बताया कि मैंने खुद जाकर स्कूल खाली करने का आदेश दे दिया है ।लेकिन अगर अभी तक स्कूल खाली नहीं हुआ है तो उसके खिलाफ बड़ी जिला शिक्षा पदाधिकारी को जानकारी देने के बाद आगे जो भी आदेश होगा उस पर कार्यवाई भी की जाएगी।
सरकारी स्कूल से बीईओ के आदेश के बाद भी नही हटा,प्राचार्य का आवास
byआमोद कुमार दुबे
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