दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रबंधन की स्थिति ठीक नहीं है। कर्मियों की लापरवाही से शुक्रवार को एक और नवजात की मौत हो गई है। जबकि जच्चा नाजुक स्थिति में अस्पताल में भर्ती है। चौतरा गांव की प्रसुता रंजना कुमारी , पति रोहित कुमार के अलावे अशोक कुमार सिंह , शीला देवी सहित अन्य ने नवजात की मौत का जिम्मेदार अस्पताल कर्मियों को ठहराया। बताया कि गुरूवार की दोपहर रंजना को अचानक प्रसव वेदना होने पर स्वजनों ने आशा कार्यकर्ता पिंकी कुमारी को इसकी जानकारी दी।आशा सहित अन्य स्वजनों ने एंबुलेस के लिए फोन किया , लेकिन कर्मी द्वारा वाहन खाली नहीं होने की जानकारी दी। रंजना कुमारी की हालत नाजुक देख अंततः स्वजनों ने आटो से गर्भवती को अस्पताल में भर्ती कराया।जहां रातभर रंजना प्रसव वेदना से तड़पती रही , लेकिन कर्मी हाल तक लेने नहीं पहुंचे । सुबह रंजना ने पुत्र को जन्म दिया , लेकिन मृत था ।यह देखते ही स्वजन अस्पताल में रोने - धोने लगे और हंगामा करने लगे।स्वजनों का स्पष्ट कहना हुआ कि अस्पताल में ड्यूटि पर मौजूद कर्मियों की लापरवाही से यह घटना हुई।रंजना की मां शीला देवी बार - बार यह कह रही थी कि पहला प्रसव था , जो खत्म हो गया। स्वजनों ने इसकी शिकायत सिविल सर्जन से लेकर डीएम से करने की बात कही है। इस संबंध में अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा अजय शर्मा ने बताया कि प्री बर्थ के कारण प्रसुता के साथ यह परेशानी हुई है। बताया कि गर्भावस्था काल में असावधानी बरतने से ऐसी समस्या होती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को खान - पान के साथ नियमित जांच आवश्यक है।
