दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था दिन - प्रतिदिन बदहाल हो रही है। सरकार द्वारा प्रति वर्ष शिक्षा विभाग पर विकास मद सहित अन्य योजनाओं से लाखों की राशि खर्च कर रही है। फिर भी कई विद्यालयों में साधन और संशाधनों की कमी है। इस क्रम में प्रखंड मुख्यालय से महज आधे किलोमीटर की दूरी पर कन्या प्राथमिक विद्यालय के बच्चे पेयजल की समस्या से जूझ रहा है ।विद्यालय प्रभारी रमण कुमार ने बताया कि इस विद्यालय में कूल नामांकित बच्चों की संख्या 123 है। विद्यालय परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र भी है ।इसके बावजूद भी पिछले चार - पांच माह से चापानल खराब है। बताया कि चापानल मरम्मत के लिए कई बार पीएचइडी विभाग के जेई से लेकर प्रखंड बीआरसी में कहा गया , लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। बताया कि विद्यालय के समीप पीएचइडी का जलमीनार है , जो पेयजल का सहारा है ।इसमें समस्या है कि जब बिजली नहीं रहती है तो स्वतः पानी भी बंद हो जाता है ।इधर पांचवी कक्षा की छात्रा प्रिया कुमारी , रूपा कुमारी , मधु , तान्या छात्र शिवम , मोहित , आयुश सहित अन्य ने बताया कि मध्याह्न भोजन तो समय पर मिलता है , लेकिन पानी नहीं मिलने से जूठे हाथ थाली लेकर घर जाना पड़ता है ।बच्चों के अविभावकों ने भी बताया कि विद्यालय में इस लचर व्यवस्था से काफी परेशानी हो रही है । सरकार प्रत्येक विद्यालय में हाथ धुलाई और स्वच्छता पर बच्चों को शिक्षा देती है। पर यहां के विद्यालय का सिस्टम बेकार है। कई अविभावकों ने बच्चों को सरकारी विद्यालय न भेज निजी स्कूलों में भेजना शुरू कर दिया है।यह हाल प्रखंड के अन्य कई सरकारी विद्यालयों की है। विद्यालय प्रभारी - रमण कुमार ने बताया कि पेयजल की समस्या चार - पांच माह से है। जिस कारण बच्चों के साथ शिक्षकों को भी परेशानी हो रहा है ।पानी पीने से लेकर शौचालय जाने में भी परेशानी है। इसकी शिकायत बीआरसी में की गई है। वहीं बीइओ - आमोद कुमार ने बताया कि इसके लिए पीएचइडी विभाग के जेई को कहा गया है। समस्या समाधान के लिए प्रयासरत हैं।
