प्राकृतिक खेती विषयक कार्यशाला:केवीके

प्राकृतिक खेती विषयक कार्यशाला:केवीके

चम्पारण नीति/ बेतिया(प.च.)  आज का आधुनिक युग जहाँ एक ओर तकनीकी प्रगति की ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं दूसरी ओर हमारी जीवनदायिनी धरती और हमारा स्वास्थ्य एक गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। रासायनिक खादों, कीटनाशकों और अंधाधुंध दोहन ने मिट्टी को बेजान और हमारे भोजन को विषैला बना दिया है। ऐसे में समय की पुकार है कि हम अपनी जड़ों की ओर लौटें। प्राकृतिक खेती (Natural Farming) कोई पुरानी या पिछड़ी पद्धति नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के विज्ञान को समझकर की जाने वाली सबसे आधुनिक और दूरदर्शी सोच है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के निर्देश पर पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण और सभी जीवधारियों के स्वस्थ में आ रही विकृति को रोकने वास्ते "प्राकृतिक खेती के ऊपर कार्यशाला" आयोजित किए जा रहे हैं.
कल 18 जून को उक्त पोस्टर में अंकित निर्देशों के अनुरूप "कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर" में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, कृपया सम्मिलित होने का कष्ट करें!

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