रजौन,बांका :-प्रखंड की सिंहनान पंचायत के वार्ड नंबर 4 अंतर्गत आने वाला लौआचक तालाब इन दिनों पूरे क्षेत्र में घोर कौतूहल और दहशत का केंद्र बन गया है। सिंहनान गांव से सटे उत्तर-पूर्व दिशा में खुशहालपुर, धोबीडीह और भागलपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड के वादे गांव के बीच सड़क किनारे स्थित इस सरकारी तालाब से शुक्रवार की रात करीब 10 बजे से अचानक एक अजीबोगरीब और भयंकर आवाज आ रही है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह आवाज किसी तेज तूफान या भारी बवंडर जैसी गूंज पैदा कर रही है, जिसने आस-पास रहने वाले लोगों को रात में ही डरा-सहमा दिया। तालाब के भीतर से आ रही इस खौफनाक आवाज को लेकर ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है; कुछ लोग इसे प्रकृति का भयंकर प्रकोप बता रहे हैं, तो कई ग्रामीण इसे इलाके में किसी संभावित ज्वालामुखी विस्फोट या बड़े भूस्खलन से पूर्व का संकेत मानकर गहरे भय में हैं। इसी बीच स्थानीय ग्रामीणों ने दो बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस सरकारी तालाब में करीब 5-6 साल पूर्व तक मछली का पालन किया जाता था, लेकिन पिछले कई वर्षों से यह तालाब पूरी तरह सूखा हुआ है और इसमें सिर्फ जंगली घास-फूस उगे हुए हैं। वहीं पूर्व जिला परिषद सदस्य उमेश कुमार उर्फ पप्पू वर्मा एवं पंसस प्रतिनिधि डॉ. अरविंद कुमार दास ने बताया कि इस तालाब के आसपास जमीन के नीचे करीब 60-70 फीट की गहराई पर ठोस चट्टानी परत भी मौजूद है। भू-वैज्ञानिकों और जानकारों के मुताबिक, तालाब के सालों से सूखे होने के कारण जमीन के भीतर भारी मात्रा में हवा (Air Pockets) जमा हो गई होगी। अब मानसून की बारिश के कारण जब पानी तेजी से नीचे की ओर रिस रहा है, तो वह नीचे मौजूद ठोस पहाड़ और ऊपर से आ रहे पानी के दोहरे दबाव के बीच फंसी हवा को अत्यंत तीव्र वेग से बाहर धकेल रहा है। सूखी मिट्टी की दरारों और घास-फूस की जड़ों को चीरकर जब यह हवा बाहर आ रही है, तो पानी न होने के कारण यह सीधे किसी भयंकर बवंडर या तूफान जैसी खौफनाक गूंज पैदा कर रही है, जो ठोस चट्टान से टकराकर सतह पर और अधिक तीव्र हो गई है। तालाब से उठ रही इस विचित्र आवाज की खबर जैसे-जैसे आस-पास के इलाकों में फैल रही है, वैसे-वैसे वहां लोगों का तांता लग गया है। वर्तमान में खेती-किसानी का पीक सीजन होने और मानसून गिरने के बावजूद, किसान और मजदूर वर्ग के लोग अपने खेतों का काम छोड़कर इस रहस्यमयी आवाज को सुनने के लिए पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि तालाब के तट पर सिंहनान, रामपुर, खुशहालपुर, धोबीडीह, वादे, अमदाहा सहित दूर-दराज के गांवों से हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे वहां मेला सा हुजूम देखने को मिल रहा है। इस घटना के संबंध में पूर्व जिला परिषद सदस्य उमेश कुमार उर्फ पप्पू वर्मा, जदयू प्रखंड अध्यक्ष अंजनी कुमार चौधरी, मुखिया रविंद्र वर्मा, पूर्व मुखिया राघवेंद्र सिंह, पूर्व पंसस उदय कुमार सिंह, पंचायत समिति सदस्य गुड्डी देवी, पंसस प्रतिनिधि डॉ. अरविंद कुमार दास, वार्ड सदस्य गोरेलाल मंडल और करमचंद दास के अलावा स्थानीय ग्रामीण मुकेश गुप्ता, गणपत पंडित, वरुण यादव, जितेंद्र शर्मा, भोला मंडल, मनोहर पंडित, मीरा देवी, गोरेलाल ठाकुर, योगेंद्र दास आदि ने बताया कि तालाब के भीतर से आ रही यह आवाज पूरी तरह अस्वाभाविक है। इस तालाब के नीचे से कोई भी पाइपलाइन या अन्य कृत्रिम ढांचा नहीं गुजरा है, जिससे तकनीकी लीकेज की संभावना खत्म हो चुकी है। ग्रामीणों ने सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल एक विशेष विशेषज्ञ टीम भेजकर इस आवाज की गहराई से वैज्ञानिक जांच कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जमीन के नीचे मौजूद पहाड़ और सूखी धरती के बीच यह आवाज आखिर किस वजह से आ रही है। इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए जब मीडियाकर्मियों द्वारा बांका के जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल को इस घटना की सूचना दी गई, तो उन्होंने तुरंत मामले को संज्ञान में लिया। डीएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बांका के अनुमंडल पदाधिकारी राजकुमार को इसकी जानकारी देते हुए स्थिति का मुआयना करने और इसकी गहन जांच करने का सख्त निर्देश दिया। डीएम से मिले निर्देश के बाद एसडीएम राजकुमार ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए जिला खनन विभाग की टीम को मामले की पूरी जांच करने का निर्देश जारी कर दिया है। प्रशासन और खनन विभाग की टीम मामले की वैज्ञानिक व भूगर्भीय तफ्तीश में जुट गई है, वहीं स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और किसी भी अप्रिय घटना के मद्देनजर लोगों को तालाब के बहुत करीब न जाने तथा सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी जा रही है।
रिपोर्ट ;-केआर राव