(नरेंद्र पांडेय )
बगहा। बगहा पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने शुक्रवार को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारियों के साथ भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान सीमा सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की स्थिति का गहन जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने एसएसबी अधिकारियों एवं सीमा पर तैनात जवानों से बातचीत कर सुरक्षा संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सीमा क्षेत्र में तस्करी, अवैध गतिविधियों तथा संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही संयुक्त गश्ती, सूचना के त्वरित आदान-प्रदान और सतत समन्वय बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
एसपी राजेश कुमार ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को लेकर पुलिस और एसएसबी के बीच बेहतर तालमेल स्थापित है। नियमित संयुक्त निरीक्षण एवं समन्वित कार्रवाई के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान सीमा चौकियों की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया गया। जवानों को हर गतिविधि पर सतर्क निगरानी रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया। इस अवसर पर एसएसबी के कई अधिकारी, स्थानीय पुलिस पदाधिकारी एवं सुरक्षा बल के जवान उपस्थित रहे।
सीमांचल में सुरक्षा व्यवस्था का बदला परिदृश्य
भारत-नेपाल सीमा से लगे बगहा और आसपास के सीमांचल क्षेत्र का सुरक्षा परिदृश्य पिछले चार दशकों में काफी बदला है। वर्ष 1980 के दशक से लेकर 2007 तक यह इलाका दस्यु गिरोहों और उग्रवादी गतिविधियों के कारण लंबे समय तक प्रभावित रहा। उस दौर में सीमावर्ती गांवों के लोगों के बीच भय का माहौल था और कई बाहरी किसानों ने भी अपनी खेती छोड़कर क्षेत्र से पलायन किया था।
बाद के वर्षों में उग्रवादी संगठनों की गतिविधियां भी इस क्षेत्र में बढ़ीं। केंद्र सरकार द्वारा सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत-नेपाल सीमा पर सैनिक सड़क निर्माण और एसएसबी की तैनाती का निर्णय लिया गया। शुरुआती दौर में सुरक्षा बलों को चुनौती देने के लिए गोवर्धना पुलिस चेक पोस्ट पर बम हमला जैसी घटनाएं भी सामने आईं, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा बटोरी।
हालांकि समय के साथ सुरक्षा रणनीति, एसएसबी की प्रभावी तैनाती, पुलिस-प्रशासन की सक्रियता और बेहतर समन्वय के चलते सीमावर्ती क्षेत्र में स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान में सीमा क्षेत्र पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, शांत और सौहार्दपूर्ण वातावरण की ओर अग्रसर है, जिससे स्थानीय लोगों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हुआ है।

